कन्नौज। मांगों को लेकर कलक्ट्रेट ग्राउंड पर जुटे लेखपालों को धारा 144 का हवाला देकर धरना देने से रोका गया तो वह जिद पर अड़ गए। काफी देर तक मान मनुहार के बावजूद बात नहीं बन सकी। इस पर लेखपालों ने अधिकारियों के सामने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाया तो लेखपाल धरना खत्म करने के बजाय गिरफ्तारी देने पर अड़ गए। आखिर में धरने पर बैठे लेखपालों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन अस्थायी जेल में भिजवा दिया गया। यहां से शाम पांच बजे के करीब छोड़ा गया।
मंगलवार को लेखपालों ने मांगों को लेकर कलक्ट्रेट ग्राउंड पर धरना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद एसडीएम सदर शैलेष कुमार, एसडीएम छिबरामऊ गौरव शुक्ला, एसडीएम तिर्वा जयकरन, तहसीलदार, सीओ सदर श्रीकांत प्रजापति, सदर कोतवाल विनोद मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल पहुंचे। लेखपालों को धारा 144 का हवाला देते हुए धरना खत्म करने के लिए कहा गया। धरने का नेतृत्व कर रहे कानपुर के खंड मंत्री अशोक यादव व जिला संयोजक सुशील दीक्षित, राजेश पटेल ने कहा कि उनका धरना प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत है। वह शांति तरीके से धरना दे रहे हैं। इसमें प्रशासन को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि धारा 144 लागू है। किसी को भी धरना देने की इजाजत नहीं है। वह अपना धरना खत्म कर दें। इस दौरान कई लेखपालों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसको लेकर बहस भी हुई। लेखपाल किसी कीमत पर धरना खत्म नहीं करना चाहता थे। इनका कहना था कि वह गिरफ्तारी देंगे। बात न बनने पर प्रशासन ने करीब 135 लेखपालों को गिरफ्तार कर अस्थायी जेल पुलिस लाइन भेज दिया। जेल जाने के दौरान लेखपालों ने जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर तिर्वा अध्यक्ष ब्रजनंद सिंह यादव, छिबरामऊ अध्यक्ष सर्वेश यादव, महामंत्री विमल कुमार, सोबरनलाल भारतीय, रामदास, वीरेंद्र कुमार दिवाकर, राजेश कठेरिया, मिथलेश राठौर, अमित मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष श्रीकृष्ण त्रिपाठी, अखिलेश मिश्रा, रीतू सिंह, सिम्मी कटियार, बुलबुल तिवारी सहित अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
धरना खत्म कराने में प्रशासनिक अधिकारियों को छूटा पसीना
कलक्ट्रेट में धरना दे रहे लेखपालों को मनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी सुबह से मशक्कत करते दिखे। पुलिस से लेकर अधिकारी लेखपालों को मनाते रहे। लेखपाल किसी कीमत पर मानने के लिए तैयार नहीं थे। इनका कहना था कि वह धरने को खत्म नहीं कर सकते हैं। यह धरना जिला स्तर से नहीं चल रहा है। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर धरना दे रहे हैं। धरना खत्म करने का निर्णय प्रदेश नेतृत्व ही लेगा।
लेखपालों के लिए लाई गई बस को स्टार्ट करने के लिए पुलिस ने दिया धक्का
लेखपालों को अस्थायी जेल भेजने के लिए पुलिस ने निजी बस व एक पुलिस वाहन की व्यवस्था की। पहले निजी बस में लेखपालों को बैठाया गया। बस स्टार्ट होने के बाद बंद हो गई। चालक ने काफी देर तक चलाने का प्रयास किया। वह आगे नहीं बढ़ी। बाद में पुलिस कर्मियों ने धक्का देकर चलाने का प्रयास किया। बस स्टार्ट नहीं हुई। कोतवाल ने दूसरी बस लाने के लिए पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए। हालांकि कुछ देर बाद बस स्टार्ट हो गई। इसके बाद लेखपाल नारेबाजी करते हुए अस्थायी जेल गए।
प्रदेश नेतृत्व से नहीं मिला निर्देश, जारी रहेगा विरोध
जिला संयोजक सुशील दीक्षित व राजेश पटेल ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व से अभी तक कोई निर्देश नहीं मिला है। अभी उन्हें पुलिस लाइन में हिरासत में रखा गया। विरोध जारी रहेगा। बुधवार को वह लोग कलक्ट्रेट मैदान पर ही धरना प्रदर्शन करेंगे।