जायरीनों को लंगर बांटते कमेटी के पदाधिकारी।
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हिंदुस्तान के अजीम बुजुर्ग हजरत ख्वाजा हाजी शरीफ जिंदनी रहतुल्लाह अलैह का तीन दिवसीय सालाना उर्स का मंगलवार को आगाज हो गया। देश के कोने-कोने से देरशाम तक जायरीनों का पहुंचना जारी रहा। अकीदतमंदों ने दरगाह पर पहुंच कर चादर चढ़ाई और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी।
हजरत ख्वाजा उस्मान हारूनी के पीर व हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के दादापीर बाबा हाजी शरीफ का 823वां उर्स को धूमधाम से मनाने के लिए कमेटी के मेंबरान हजरात (पदाधिकारी) करीब एक सप्ताह से जुटे थे। मंगलवार सुबह भी तैयारियों को अंतिम रूप देने में कमेटी ने कोई कसर नहीं बाकी रखी। बाहर से आने वाले जायरीनों के ठहरने व खाने-पीने के इंतजाम किए गए। शहर के मोहल्ला चिरैयागंज व अन्य स्थानों पर स्वागत गेट बनाए गए।
उर्स कमेटी के सदर हाजी शमसुल खान की अगुवाई में दरगाह के बाहर लगने वाले मेले में दुकानों को व्यवस्थित ढंग से लगवाया गया। मेला सचिव मास्टर वसीउद्दीन सिद्दीकी की अगुवाई में सभी दुकानों को लाइट कनेक्शन सुनिश्चित कराए गए। लाइट व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए अब्बुल हसन मंगल, अफोजे भाई कई मेबरान हजरात के साथ मेला परिसर में जायजा लेते रहे। दोपहर बाद अकीदतमंदों का दरगाह पर जियारत के लिए पहुंचना शुरू हो गया।
नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी बीडी भट्ट ने जायरीनों को शीतल पेयजल के लिए दरगाह के निकट वाटर कूलर की व्यवस्था कराई। वहीं वाटर टैंकर भी उपलब्ध कराया। परिसर की साफ-सफाई के लिए पालिका के सफाईकर्मी जुटे रहे। मेला प्रभारी उबैदुल हसन खलीफा के अलावा नायब सदर नावेद खान, नायब सेक्रेटरी सरफराज अंसारी, फिरोज खान, मो. अफजाल खान सहित कई पदाधिकारी व्यवस्थाओं की देखरेख में जुटे रहे।