कन्नौज। संचारी रोग नियंत्रण अभियान की इनायतपुर गांव में फैली गंदगी और जलभराव ने पोल खोलकर रख दी। गांव में सफाई के साथ ही एंटी लार्वा का छिड़काव और फागिंग तक नहीं कराई गई। शुक्रवार को स्वास्थ्य और सफाई टीम पहुंची। स्वास्थ्य टीम ने 110 मरीजों का परीक्षण कर दवाई दीं और 38 मरीजों के खून के सैंपल लेकर जांच की। इसमें तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई।
जलालाबाद ब्लॉक के ग्राम इनायतपुर में शरीना और उसकी सास की डेंगू से मौत और 100 से अधिक लोगों के बीमार होने की जानकारी के बाद जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा नींद उड़ गई। शुक्रवार को बीडीओ सुनीता श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी डॉ. ब्रजेश शुक्ला, मलेरिया अधिकारी यूपी सिंह टीम के साथ पहुंचे। गांव में सफाई के साथ ही दवाइयों का छिड़काव कराया। सीएचसी प्रभारी जलालाबाद डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि गांव में गंदगी और जलभराव के कारण ही संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारे हैं। स्वास्थ्य टीम को शुक्रवार को भी गांव भेजा गया था। टीम ने 110 मरीजों का परीक्षण और 38 मरीजों की खून की जांच की, जिसमें तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
फोटो :13 स्वास्थ्य टीम के सामने गिरकर बेहोश हुआ युवक। संवाद
बुखार से पीड़ित मरीज जमीन पर गिरा
गांव में निवासी सहीर (35) स्वास्थ्य टीम को दिखाने के लिए पहुंचा और जमीन पर गिर गया। साथ में मौजूद परिजनों ने उसे उठाया और चारपाई पर लिटा दिया। स्वास्थ्य टीम ने एंबुलेंस तक मरीज को ले जाने के लिए नहीं बुलाई। परिजन अपने निजी वाहन से सहीर को गुरसहायगंज ले गए और निजी अस्पताल में भर्ती कराया।