कन्नौज। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाता है। कागजों पर एंटी लार्वा का छिड़काव होने से मच्छरों के लार्वा तेजी से बढ़ रहे हैं और मच्छर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। सितंबर में डेंगू मरीजों की संख्या 77 थी, जो तीन दिनों में 16 नए मरीज मिलने के बाद 93 संख्या पहुंच गई है।
संक्रामक बीमारियों को रोकने के लिए सिस्टम की ओर से किए जा रहे प्रयास सार्थक साबित नहीं हो रहे हैंं। यही कारण है कि डेंगू तेजी से पैर पसार रहा है। हर दिन डेंगू के नए मरीज मिल रहे हैं। सितंबर में डेंगू मरीजों की संख्या 77 थी, लेकिन तीन दिनों में 16 नए मरीज मिलने के बाद यह संख्या 93 पहुंच गई है।
नगर निगम और ग्राम पंचायतें लगातार एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराने के दावे तो कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद लार्वा पनप रहा और घरों में मच्छर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। सीएमओ डॉ. स्वदेश गुप्ता ने बताया कि जहां पर भी डेंगू मरीज मिल रहे हैं, मलेरिया विभाग की टीम इनडोर और आउटडोर दवाइयों का छिड़काव के साथ ही फॉगिंग भी कराई जा रही है।
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निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे डेंगू मरीज
सरकारी अस्पतालों में अभी तक महज 20 मरीज ही इलाज कराने के लिए ही पहुंचे है। अधिकतर मरीज निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर ही इलाज करा रहे हैं। कहीं न कहीं मरीजों को सिस्टम की व्यवस्था पर विश्वास नहीं हो रहा है और वह निजी अस्पताल इलाज में इलाज करा रहे हैं।
घर की सुरक्षा के लिए यह करें बचाव
मलेरिया अधिकारी यूपी सिंह ने बताया कि खिड़कियों, दरवाजों और चिमनियों पर महीन जाली लगवाएं, ताकि मच्छर घर में प्रवेश न कर सकें। घर के आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, पक्षियों के नहाने के बर्तन और अन्य बर्तनों में जमा पानी नियमित रूप से बदलें। मच्छर नमी और गंदगी वाली जगहों पर छिपते हैं, इसलिए घर के हर कोने को साफ-सुथरा रखें। मच्छरों से बचने के लिए हल्के रंग के और ढीले-ढाले, पूरी बांह के कपड़े और पैंट पहनें। रात में सोते समय, खासकर बच्चों के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। शाम से सुबह के समय मच्छरों का प्रकोप ज्यादा होता है, इसलिए इस दौरान बाहरी गतिविधियों से बचें।