राजकीय मेडिकल कालेज के निकट स्थित देशी व अंग्रेजी शराब ठेका व बियर शाप को कोर्ट के आदेश के बाद एक अप्रैल से हटा दिया गया। ये तीनों दुकानें सखौली गांव में शिफ्ट कर दी गईं। शराब की दुकानें बस्ती के निकट होने से गुरुवार की दोपहर गांव की महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा।
करीब आधा सैकड़ा महिलाएं लाठी-डंडा लेकर शराब दुकानों पर पहुंची। महिलाओं के हुजूम को देख ठेके के सेल्समैनों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। इस पर महिलाएं वहीं धरना देकर बैठ गईं। सूचना पाकर तहसीलदार तिर्वा ऋषिकांत राजवंशी, तिर्वा कोतवाल आमोद कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। अफसरों को देख महिलाओं ने उनको घेर लिया। महिलाएं तत्काल ही इन ठेके को गांव से हटाने की मांग करने लगीं।
सभी का आरोप था कि ठेके खुलने से गांव के लोगों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। गांव में अराजकतत्वों की आवाजाही शुरू हो गई है। कोतवाल ने कुछ मोहलत मांगी तो महिलाओं ने उनके साथ नोकझोंक शुरू कर दी। इस पर तहसीलदार व कोतवाल ने संयुक्त रूप से महिलाओं को आश्वासन दिया कि चौबीस घंटे के भीतर ही तीनों दुकानें यहां से हटा दी जाएंगी। उन्होंने शराब ठेकेदारों से मोबाइल पर संपर्क साधकर यहां से दुकानें हटा लेने को कहा। अफसरों के आश्वासन पर महिलाएं यह चेतावनी देते हुए वापस चली गईं कि सुबह तक दुकानें न हटीं तो प्रदर्शन शुक्रवार को फिर होगा।