समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने बुधवार को तहसील सदर में धरना देकर आलू निर्यात को बहाल करने की मांग की। इसके बाद तहसील से कलेक्ट्रेट तक मार्च पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह के नेतृत्व में मार्च निकालकर विरोध जताया गया।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में हवाला दिया कि जनपद कन्नौज, फर्रुखाबाद, आगरा, मैनपुरी में सबसे अधिक आलू का उत्पादन किया जाता है। यहां के किसानों के लिए आलू प्रमुख फसल है। किसानों की आजीविका आलू पर ही निर्भर है। केंद्र सरकार पर आलू निर्यात पर रोक लगाए जाने से किसान आत्महत्या के लिए मजबूर है। मौजूदा स्थित में किसानों को आलू पर लगाई गई लागत भी नहीं मिल रही है।
जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के साथ कुठाराघात कर रही है। आलू की कम कीमतों से किसान हताश हो चुका है। पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने कहा कि आलू के भाव में गिरावट बाहरी प्रदेशों में निर्यात न होने की वजह से है। इससे पहले बांग्लादेश, पाकिस्तान सहित अन्य देशों में निर्यात होता था। यह निर्यात पूर्णतया बंद है। इस कारण आलू की कम खपत होने से भावों में उछाल नहीं आ पा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यदि किसानों के हित में निर्णय न लिया तो सपा सड़कों पर उतरने के लिए विवश होगी। इस मौके पर धर्मवीर पाल, पिंटू यादव, सुरेंद्र, पदम सिंह भदौरिया, अमित दुबे, अमित मिश्रा, सतेंद्र यादव, संजीव मिश्रा, वंदना दुबे, कल्पना यादव, रमेश यादव, राजेश पाल सहित अन्य मौजूद रहे।