तिर्वा। गर्भ में पल रहे बच्चे और महिला की मौत के मामले में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पति ने अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने पुलिस समेत उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
ग्राम बरुआहार निवासी ऋषि राजपूत ने बताया कि गर्भावती पत्नी निर्जला राजपूत (21) को जांच और इलाज के लिए 14 अक्तूबर को कस्बे के एक निजी अस्पताल में दिखाया था। इसके बाद अस्पताल में भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया। आरोप है कि 16 अक्तूबर की शाम को इलाज के दौरान गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई।
समय से मृत बच्चे को बाहर नहीं निकाला गया, जिससे पत्नी की हालत बिगड़ गई और कानपुर रेफर कर दिया 17 अक्तूबर को निर्जला की भी मौत हो गई। पीड़ित ने मामले में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि मामले में अभी तक कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। परिजन कोतवाली आए थे, लेकिन उन्होंने कोई शिकायती पत्र नहीं दिया।