छिबरामऊ। बीबी हलीमा का जारी मृत्यु का प्रमाण जांच में फर्जी साबित हो चुका है। इसके बाद भी प्रमाण पत्र जारी करने वाले अफसरों व कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। भाकियू (औनू) के पूर्व प्रदेश महासचिव गोपाल दुबे ने डीएम से शिकायत करते हुए दोषी पालिका कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार को डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को सौंपे गए पत्र में गोपाल दुबे ने कहा है कि नगर के मोहल्ला बिरतिया निवासी बीबी हलीमा विभाजन के बाद साल 1948 में भारत छोड़कर पाकिस्तान चली गईं थीं। इनकी मृत्यु कब और कहां हुई, इसकी ठोस जानकारी किसी के पास भी नहीं है। इसके बाद भी पालिका ने 20 मई 1981 में मोहल्ला बिरतिया में मौत की पुष्टि करते हुए उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया था। शिकायत के बाद जांच में प्रमाण पत्र के आवेदन व दोनों गवाह इस प्रकरण की किसी भी तरह की जानकारी न होने की पुष्टि करते हुए शपथ पत्र दे चुके हैं। जांच में यह प्रमाण पत्र फर्जी सिद्ध हो चुका है।
इसके अलावा भू-माफियाओं ने फर्रुखाबाद से भी बीबी हलीमा का एक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा रखा है, जिसकी अभी तक जांच नहीं कराई जा सकी है। गोपाल दुबे ने डीएम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराए जाने की मांग की है।
इनसेट
दो करोड़ की संपत्ति दर्ज
बीबी हलीमा प्रकरण की जांच में निकलकर आ रहीं संपत्तियों को राज्य सरकार में दर्ज कराने का सिलसिला जारी है, जिससे भू-माफिया में खलबली मची हुई है। प्रशासन ने दो करोड़ कीमत की जमीन को राज्य सरकार में दर्ज करा दिया है।