सरायमीरा बाजार में सजीं गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां।
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कन्नौज/ छिबरामऊ। दीपावली पर्व शनिवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। घरों में देर रात तक तैयारियां चलती रहीं। घरेलू सामानों का बाजार व पटाखा बाजार गुलजार रहा। लोगों ने खूब खरीदारी की। गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदी गईं। महिलाओं ने मीठे पकवान बनाए। शाम होते ही शहर से लेकर कस्बे के भवन रंग-बिरंगी झालरों से जगमगा उठे। शुक्रवार को घर से लेकर बाजार तक हर जगह रौनक दिखाई दी। हर तरफ हर्ष व उल्लास रहा। सभी उमंग में दिखाई दिए। महिलाएं घर में तैयारी में जुटी रहीं।
छिबरामऊ में भी त्योहार को लेकर पूरे दिन खरीदारी हुई। चीन से सीमा विवाद के चलते इस बार स्वदेशी झालरें पसंद रहीं। झालरें, कमल मटकी व वॉल हैंगिंग की खूब बिक्री हुई। पिछले साल की तरह इस बार भी सस्ती चीनी झालरें बाजार में मौजूद थीं। लोगों ने इनकी ओर रुख कम ही किया। तीस रुपये में दस मीटर वाली चीनी झालर बाजार में मौजूद होने के बाद भी लोगों ने 110 रुपये में 15 मीटर वाली स्वदेशी झालरें पसंद कीं। वहीं साधारण दीपों के बजाय इस बार डिजाइनर दीपकों की मांग ज्यादा रही। स्थानीय कारीगरों ने दीपकों को नया लुक दिया था। दो रुपये प्रति दीपक बिक्री शुरू हुई। मांग बढ़ने के साथ ही देर शाम तक पांच रुपये पर पहुंच गई।
पांच बजे से सात बजकर 13 मिनट तक शुभ मुहूर्त
आचार्य ललित मोहन मिश्र ने बताया कि लंबे अंतराल के बाद दीपावली पर बड़ा शुभ मुहूर्त बना है। इसमें किसी भी समय पूजा करना लाभकारी होगा। व्यापारी कुंभ लगभन(शनिदेव) के मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 37 मिनट से दोपहर दो बजकर 09 मिनट तक पूजा कर सकते हैं। सिंह लगभन(लक्ष्मी देवी) मुहूर्त सबसे शुभ माना गया है। इसकी पूजा शाम पांच बजकर 16 मिनट से लेकर शाम सात बजकर 13 मिनट तक की जा सकेगी। वृष लग्न (सूर्यदेव) मुहूर्त रात 11 बजकर 44 मिनट से रात एक बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इसमें तंत्र-मंत्र के माध्यम से भगवान को प्रसन्न किया जाएगा।
कमल के फूल से पूजा करने से प्रसन्न होतीं लक्ष्मी
आचार्य ललित मोहन मिश्र ने बताया कि दीपावली पर कमल के फूल के साथ पूजा करने से लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। अगर कमल का फूल नहीं मिल पाता है तो कमल गट्टा लेकर पूजा कर सकते हैं। इससे घर में धन की कमी नहीं रहेगी।