जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ने वाले दो मौजूदा
ब्लॉक प्रमुखों को हार का सामना करना पड़ा है। चार निवर्तमान जिला पंचायत
सदस्य भी चुनाव हार गए। कई दिग्गजों को भी मुंह की खानी पड़ी। जिले के कुल
28 वार्डों में 18 वार्ड ऐसे हैं, जहां के हारने वाले सभी प्रत्याशियों की
जमानतें ही जब्त हो गईं।
तालग्राम के निवर्तमान ब्लाक प्रमुख चंद्रभान
सिंह जाटव जिला पंचायत सदस्य पद पर वार्ड नौ से चुनाव लड़े, उनकी जमानत ही
जब्त हो गई। उनको केवल 1,869 वोट ही मिले। छिबरामऊ की मौजूदा ब्लॉक प्रमुख
सुमन यादव ने वार्ड 12 से चुनाव लड़ा। उनकी जमानत भी जब्त हो गई।
इसके
अलावा वार्ड 14 से चुनाव लड़े निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य तथा त्रिस्तरीय
संचालन समिति में सदस्य रहे प्रताप सिंह यादव और पूर्व जिला पंचायत सदस्य
प्रमोद कुमार की पत्नी कुसुमा देवी भी चुनाव हार गईं। इसी वार्ड से
रामप्रकाश यादव को भी मुंह की खानी पड़ी।
संचालन समिति में सदस्य रहने वाले
मौजूदा निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य मोहन सिंह ने अपनी पत्नी रीता सिंह को
चुनाव लड़ाया, पर उनको भी मुंह की खानी पड़ी। बाबा रामप्रकाश शाक्य की
पत्नी लीलावती और रामकली भी चुनाव नहीं जीत सकीं। इसके अलावा मौजूदा डीडीसी
रहे संजय गिहार भी वार्ड 27 से चुनाव हार गए।
जमानत बचाने वालों में वार्ड
एक से बबिता कटियार, दो से नेम सिंह यादव, तीन से गीतेंद्र सिंह, चार से
रंजना, पांच से जगमोहन, 10 से इतेंद्र, 14 से कुसुमा, 21 से पूजा व भाजपा
प्रत्याशी रजनी, 23 से पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्याम सिंह यादव, 25 से
भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत हैं।
इसके अलावा वार्ड 16, 17, 18, 19,
20, 24, 26, 28, छह, सात, आठ, नौ, 11, 12, 13 के हारने वाले सभी
प्रत्याशियों की जमानतें जब्त हो गईं। वार्ड एक में 17, दो में 16, तीन में
नौ, चार में सात, पांच में 12, 10 में 11, 14 में 19, 25 में 16, 23 में
20, 21 में 14 प्रत्याशियों में जमानतें जब्त हो गईं।