छोटी संसद कहे जाने वाले जिला पंचायत सदन अबकी
शिक्षित जनप्रतिनिधियों से भरी होगी। कुल 28 सीटों वाली संसद में 11 पोस्ट
ग्रेजुएट तो छह ग्रेजुएट उत्तीर्ण सदस्य विजयी रहे। प्राइमरी पास तीन,
जूनियर हाईस्कूल पास पांच, हाईस्कूल उत्तीर्ण एक व इंटरमीडिएट पास दो
उम्मीदवारों के सिर जीत का सेहरा मतदाताओं ने पहनाया है।
मतदाताओं ने
अबकी अशिक्षित जिला पंचायत सदस्यों को हरा दिया है। वार्ड एक चुनाव जीतने
वाली संजू कटियार की पत्नी शिल्पी कटियार, वार्ड 26 से चुनाव जीतीं नीलू
यादव पत्नी सुरजीत यादव परास्नातक पास हैं। इसके अलावा वार्ड 25 के संतोष
यादव, वार्ड 24 से रामबाबू वर्मा, वार्ड 21 से उर्मिला यादव पत्नी दिगंबर
सिंह।
वार्ड 18 से रणवीर सिंह यादव, वार्ड 17 से उपमा यादव, वार्ड 14 से
जितेंद्र शाक्य, वार्ड 12 से पूनम भदौरिया पत्नी योगेंद्र भदौरिया, वार्ड
10 से शैलेंद्र सिंह यादव (विधायक अरविंद यादव के भाई) और वार्ड सात से
चुनाव जीते गुगरापुर के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र सिंह यादव पोस्ट
ग्रेजुएट की श्रेणी में हैं।
स्नातक उत्तीर्ण जिला पंचायत सदस्यों में
वार्ड 27 से महेश शास्त्री, वार्ड 23 से हनीफ ठेकेदार, वार्ड 20 से बृजेश
कुमार, वार्ड 13 से महेंद्र दिवाकर, वार्ड 11 से मिथलेश यादव पत्नी दिनेश
यादव (चेयरमैन तालग्राम)। वार्ड पांच से रजनीकांत यादव शामिल हैं। वार्ड
19 से चुनाव जीते प्रवेश शाक्य और वार्ड दो के श्रुति प्रवास उर्फ प्रीतू
कटियार इंटरमीडिएट उत्तीर्ण हैं।
हाईस्कूल उत्तीर्ण वार्ड 22 से जिला
पंचायत सदस्य चुने गए सिर्फ अनिल खटिक ही हैं। जूनियर हाईस्कूल पास वार्ड
28 की छोटी बिटिया, वार्ड 16 से सुषमा पाल, वार्ड नौ से स्लेंती उर्फ पायल,
वार्ड छह से हाशिम और वार्ड तीन से हरिशरण राजपूत हैं, पर प्रमाण पत्र
लेने आए हरिशरण ने बताया कि वह फार्मेसिस्ट हैं।
बंगलुरु से मिला उनके पास
डिप्लोमा है। सबसे कम पढ़े जीते उम्मीदवारों में वार्ड 15 की सुषमा, वार्ड
आठ की कमला देवी (पिंटू यादव की मां) और वार्ड चार से चुनी गईं पूर्व
विधायक बनवाली लाल दोहरे की पत्नी विद्यावती हैं। तीनों सदस्य सिर्फ
प्राइमरी पास ही हैं।