सदर विकास खंड क्षेत्र की आशा-बहुओं ने मंगलवार को
कलक्ट्रेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अपने हकों और हितों की
आवाज बुलंद की। गुस्साईं आशा बहुओं ने दो-टूक लहजे में कहा कि जब तक उनकी
मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मंगलवार को दोपहर
बाद दर्जनों आशा बहुएं कलक्ट्रेट पहुंचीं। यहां अधिकारियों के न मिलने पर
हंगामा काटना शुरू कर दिया। इसी बीच एडीएम संतोष कुमार वैश्य अपने दफ्तर
पहुंच गए। आशा-बहुएं नारेबाजी करते हुए उनके कार्यालय पहुंचीं। यहां
उन्होंने एडीएम को जिलाधिकारी को संबोधित मांगपत्र सौंपा।
आशा-बहुओं का
कहना था कि उन्हें 10 हजार रुपये मानदेय दिलाया जाए। 24 घंटे ड्यूटी करने
वाली आशा बहुओं को कमीशन के तौर पर काम कराया जा रहा है। कमीशन की
प्रक्रिया समाप्त कर मानदेय निर्धारित किया जाए। कहा क काम के बदले उन्हें
कई-कई महीने तक भुगतान नहीं दिया जाता है।
इससे उनके सामने परिवार के भरण
पोषण की समस्या पैदा होती है। यदि उनकी मांगें न मानी गईं तो अगले सप्ताह
पुन: धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर आशा रानी पाल, राजकुमारी,
किरन, शाइन, शिवदेवी, निशा देवी, सुमलेश कुमारी, सीमा, सुनीता, मीरा,
श्यामा, सुधा सक्सेना, मुन्नी, मालती, श्यामा पाल सहित दर्जनों आशा-बहुएं मौजूद थीं।
एडीएम ने आश्वासन दिया कि उनके प्रार्थनापत्र को अफसरों के सामने रखा
जाएगा। उधर, कई मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने पहुंचीं आशा
बहुएं सुरक्षा कर्मियों से भिड़ गईं। हुआ यूं कि आशा बहुएं मीटिंग हाल के
सामने खड़ी थीं। इस दौरान शिक्षा विभाग की मीटिंग शुरू होने वाली थी।
गाड़ियां आने-जाने में दिक्कतें हो रही थीं। इस पर सुरक्षा कर्मियों ने
उन्हें घर जाने को कह दिया। तभी आशा बहू सुरक्षा कर्मियों से नोकझोंक करने
लगीं। सुरक्षा कर्मियों को खरीखोटी सुनाने के बाद प्रदर्शनकारी आशा चली
गईं।