सौरिख। नगर में जल निकासी के इंतजाम न होने से बारिश में ही सड़कें लबालब हो जाती हैं। तालाबों के ओवरफ्लो पानी को निकालने के लिए बनी पुलिया एक दशक से अधिक समय से साफ नहीं कराई गई है। पुलिया के दोनों छोर पर उगी घनी घास और झाड़ियों ने पानी का रास्ता पूरी तरह रोक दिया है। इस कारण नगर में जलभराव की गंभीर स्थिति है।
नगर में जल निकासी का प्रमुख जरिया दो बड़े तालाब हैं। अंबेडकर नगर स्थित गाटा संख्या 94 ख (11 बीघा) तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर लोहिया नगर और थाना रोड के मुख्य नाले से होता हुआ सौरिख-बिधूना रोड किनारे स्थित तालाब में पहुंचता है। इस बड़े तालाब से 10 मीटर चौड़ा बरसाती नाला जुड़ा है, जो पानी को ईशन नदी तक ले जाता है। इसी नाले पर बनी पुलिया की वर्षों से सफाई न होने के कारण दोनों मुहाने घास-फूस से पट चुके हैं और निकासी पूरी तरह ठप हो गई है।
स्थानीय किसान हरिश्चंद्र राजपूत, असलम और मेंहदी हसन का कहना है कि मई-जून के दो महीनों को छोड़ दिया जाए तो सालभर खेतों में पानी भरा रहता है। जलभराव के चलते कोई भी फसल तैयार नहीं हो पाती, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने बताया कि नाले और पुलिया की स्थिति संज्ञान में है। जल्द ही इसकी तलीझाड़ सफाई कराई जाएगी ताकि नगर में होने वाले जलभराव से नागरिकों को राहत मिले और किसानों की फसलों को नुकसान न हो।