कसबा तेराजाकेट में यज्ञशाला के पास बीती रात धनुष यज्ञ रामलीला का मंचन किया। इस दौरान कलाकारों के जीवंत अभिनय को देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। लक्ष्मण और परशुराम का संवाद आकर्षण का केंद्र बिंदु रहा। इस दौरान जय-जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे।
देर शाम भगवान गणेश की वंदना के साथ रामलीला की शुरुआत भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अर्चना पांडेय ने की। पांडाल में भव्य धनुष सजाकर रखा गया। सीता के स्वयंवर में शामिल होने के लिए तमाम राजा पहुंचे। इस दौरान हर किसी ने धनुष को तोड़ने का भरसक प्रयास किया, लेकिन कोई उसे टस से मस तक नहीं कर सका।
इस पर राजा जनक दुखी होकर विलाप करते हैं। जब वह क्षत्रियों की वीरता पर सवाल उठाते हैं तो राम व लक्ष्मण गुरु की आज्ञा से वहां पहुंचते हैं। इसके बाद भगवान राम धनुष तोड़कर सीता के साथ विवाह करते हैं। इसके बाद परशुराम के क्रोध और फिर उनकी लक्ष्मण के साथ बहस और संवाद का दौर चला।
इस दौरान विजयपाल, संदीप शर्मा, बंटू शर्मा, अमित त्रिपाठी, रविकांत दुबे, इतेंद्र राजपूत, सुभाष आदि लोगों ने व्यवस्थाएं संभाली। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल मुस्तैद रहा।