कन्नौज। पिछले दो दिनों तक हुई जोरदार बारिश और ओलावृष्टी से फसल को भारी नुकसान हुआ था। इस दौरान कृषि विभाग की ओर से प्रभावित इलाकों में सर्वे कराया गया। कृषि विभाग के आकलन के मुताबिक जिले भर के अलग-अलग हिस्सों में कुल 3872 हेक्टेयर इलाका मौसम की जद में आया है। इन खेतों में लगे फसल को नुकसान हुआ है। उसकी जांच करवाई जा रही है।
शुक्रवार की रात से बदले मौसम ने अगले दिन शनिवार और रविवार को भी कई इलाकों में बारिश हुई थी। इस दौरान कई जगह ओलावृष्टी भी हुई थी। छिबरामऊ, सौरिख, विशुनगढ़, तालग्राम, गुरसहायगंज, तिर्वा इलाके में ज्यादा नुकसान बताया गया। इसी दौरान फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि विभाग की टीम ने स्थलीय सत्यापन किया।
जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह ने भी टीम के साथ कई जगह का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि दो दिनों के स्थलीय निरीक्षण के बाद जो रिपोर्ट आई है, उसके मुताबिक जिले भर में 3872 हेक्टेयर खेत प्रभावित हुए हैं। इसमें गेहूं के अलावा सरसों और आलू की फसल प्रभावित हुई है। अब इन फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उसी आधार पर किसानों को मदद देने के लिए रिपोर्ट बनेगी।
बारिश थमते ही किसानों ने शुरू की आलू की खोदाई
कन्नौज। जिले के किसान आलू की खेती अधिक करते हैं। दो दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि से आलू किसान चिंतित हो गए थे। सोमवार को बारिश थमते ही किसान खेत पहुंच गए और आलू की खोदाई कर दी। किसान दोबारा मौसम बदलने से फसल को होने वाले नुकसान से डर रहे हैं। दो दिनों तक हुई लगातार बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी थी और आलू की खोदाई बंद हो गई थी। किसान डर रहे थे कि बारिश अधिक हो गई तो खेत में पानी भर जाएगा और आलू सड़ने लगेगा। दो दिनों के बाद सोमवार सुबह बारिश थमते ही किसान खेतों पर पहुंच गए और आलू की खोदाई शुरू कर दी। किसान जल्द ही आलू की खोदाई कर उसे कोल्ड स्टोर भेजने में जुट गए हैं, जिससे अगर दोबारा मौसम बिगड़ता है तो आलू की फसल खराब न हो और उनकी फसल सुरक्षित हो जाए।