सीसीटीएनएस के जरिए अपराधियों को गूगल सर्च करके खोज निकालने के संबंध में पुलिस जवानों को मंगलवार को एसपी कार्यालय में प्रशिक्षण दिया गया। बताया गया कि कुछ ही दिनों में कई प्रांतों के थाने सीधे सीसीटीएनएस से जुड़ जाएंगे। इससे पुलिस को अपराधियों पर नियंत्रण करने में बेहतर मदद मिलेगी।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रशिक्षण देते हुए एनआईसी के अजीत सिंह ने बताया गया कि अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस विभाग की ओर से सीसीटीएनएस व्यवस्था शुरु कर दी गई है। यह एक साथ 35 राज्य और 14 हजार थाने एक साथ जुड़ेंगे। सभी थाने के रिकार्ड कंप्यूटर में अंकित होंगे।
इन्हें आनलाइन डाला जाएगा। चरित्र प्रमाणपत्र, पासपोर्ट सत्यापन, आग्नेयशस्त्र लाइसेंस का आवेदन विदेशी पंजीकरण एवं विरोध या हड़ताल संबंधी प्रार्थनापत्र, घरेलू सहायता सत्यापन का प्रार्थनापत्र, किराएदार का सत्यापन समेत कई अन्य कामों के लिए किसी भी व्यक्ति को थाने नहीं आना पड़ेगा।
आनलाइन अपनी पत्रावली को लोग संबंधित थाने में भेज सकेंगे। संबंधित अधिकारी उक्त पत्रावली के आधार पर जांच कराकर सत्यापन रिपोर्ट आनलाइन वापस करेगा। किसी भी अपराधी को खोज निकालने के लिए गूगल पर सीसीटीएनएस लागिन करेंगे। चंद सेकेंड में ही फाइल सामने आ जाएगी।
इसे सर्च करने के लिए सीसीटीएनएस पर थाने का नाम व वर्ष अंकित किया जाएगा। इसके बाद उस थाने से जुड़ी सारी रिपोर्ट एक-एक करके सामने आ जाएगी। यही नहीं थानों में लगने वाली डेली ड्यूटियां भी अब कंप्यूटर पर फीड होंगी। इसके अलावा जीडी, एफआईआर समेत अन्य रिकार्ड भी अब कागजों पर नहीं बल्कि सीधे कंप्यूटर पर होंगे।
इससे पुलिस को ही नहीं बल्कि जनता को भी कई दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा। थानों पर ई गवर्नेंस प्लान लागू होगा। लैब से प्राप्त रिपोर्ट भी इस कंप्यूटर के जरिए फीडिंग होगी, जिसे कोई भी आन लाइन देख सकता है। प्रशिक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुभाष शाक्य, सीओ शिवप्रसाद दुबे मौजूद रहे।