तिर्वा। सड़क हादसे में एक साथ तीन युवकों की हुई मौत को लेकर रविवार की सुबह सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ राजकीय मेडिकल कालेज पहुंची। यहां कुछ दूरी पर अलग-अलग तीनों युवकों के शवों के पास उनके परिजनों, रिश्तेदारों व ग्रामीणों की भीड़ लगी थी
। परिजनों की चीख-पुकार को देख मौजूद हर आंख नम थी। कस्बे के कई जनप्रतिधि, व्यापारी मेडिकल कालेज पहुंच गए। मृतक सुभाष की पत्नी ममता ने बताया कि उसके पति रात करीब 10:30 बजे विष्णुपाल व अवधेश के साथ बाइक से नौटंकी देखने की बात कहकर घर से निकले थे। उसने बहुत रोकने का भी प्रयास किया। वह जिद करके घर से निकले थे, काश न जाते तो उसका सुहाग बच जाता।
हादसे से पीड़ित परिवारों को सभी सांत्वना देने में लगे थे। पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए जब पुलिस तीन शव को लेकर चली तो परिवार की कई महिलाएं बेहोश होकर कैंपस में सड़क पर गिर गई। जानकारी पाकर उमर्दा के पूर्व ब्लाक प्रमुख इंद्रेश यादव, ग्राम प्रधान शरद यादव, डा. संजय पाठक, अंशुल गुप्ता, ओमप्रकाश यादव समेत कई जन प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
तिर्वा। कस्बे के लोहिया नगर मोहल्ले में सभासद प्रत्याशी द्वारा आयोजित नौटंकी को लेकर यद्यपि जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके बाद भी सवाल उठ रहा है कि आयोजक के पास आचार संहिता लगी होने के बाद भी नौटंकी कराने की अनुमति प्राप्त थी या नहीं।
उधर हादसे के बाद आयोजक सभासद प्रत्याशी देर रात के बाद लापता है। मामले में एसडीएम शालिनी प्रभाकर का कहना है कि उन्हाेंने तिर्वा कोतवाल को अमर पाल सिंह को पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। उधर कोतवाल अमर पाल सिंह का कहना है कि नौटंकी आयोजन के लिए आयोजक की ओर से कोतवाली में आवेदन आया था।
अनुमति मिली या नहीं इसकी जांच के लिए रिकार्ड खंगाला जा रहा है। उधर हादसे के बाद देर रात बाहर से बुलाए गए नौटंकी के कलाकर मौके से खिसके। साउंड व लाइट का आयोजन करने वाले कर्मचारी भी अपना सामान समेट कर गायब हो गए। कोतवाल ने कहा कि अनुमति न दिखा पाने पर सभासद प्रत्याशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
तीन की सांसे थमी, 11 अनाथ
तिर्वा। हादसे में सुभाष, अवधेश व विष्णु पाल की मौत से परिवार के 11 मासूम अनाथ हो गए है। तीन का सुहाग उजड़ गया। सुभाष की पत्नी ममता ने बताया कि उसके पति रात करीब 10:30 बजे विष्णुपाल व अवधेश के साथ बाइक से नौटंकी देखने की बात कहकर घर से निकले थे। ममता ने बताया कि उसके दो पुत्र सचिन (11) व रवि (9) हैं। विष्णुपाल की पत्नी मंजू ने बताया कि उसके पति के नाम करीब एक एकड़ जमीन है। पति खेती करता था। उसके चार संतान राजुल (15), गुड्डी (11), रिया (9) व कृष्ण छह वर्ष का है। अवधेश की पत्नी माधुरी ने बताया कि उसका पति भी खेतीबाड़ी करता था। उसकी पांच संतान हैं। इनमें रिशु (14), एकता (9), सचिन (7), निर्भय (5) व गोद में छह माह की पुत्री है। पल भर में उनकी जिंदगी उजड़ गई है।
नहीं पहुंचा कोई जनप्रतिनिधि
कन्नौज। तिर्वा क्षेत्र में तीन युवकाें की मौत के बाद मेडिकल कालेज परिसर में कस्बे के लोगों की भीड़ लगी रही। जिसने भी मृतकों की पत्नी, छोटे-छोटे बच्चों व उनके परिजनों की चीख-पुकार सुनी उसकी आंख नम हो रही लेकिन हर चुनाव में वोट लेने पहुंचने वाले जन प्रतिनिधियाें का दिल नहीं पसीजा और जिले से कोई भी राजनैतिक दल का प्रतिनिधि पीड़ित परिवार को सांत्वना देने नहीं पहुंचा।
शहर कन्नौज में दो-दो मंत्री मौजूद थे, लेकिन कोई पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनका हाल-चाल लेने नहीं पहुंचा। इसकी रविवार को लोगाें में खासी चर्चा रही। यहां तक कि तिर्वा क्षेत्र के विधायक कैलाश राजपूत, सदर विधायक अनिल दोहरे, एमएलसी पंपी जैन, सपा, भाजपा, बसपा, आप, कांग्रेस की पार्टी से भी कोई प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। रविवार को सुबह से ही शहर कन्नौज में मौजूद छिबरामऊ विधानसभा से विधायक व खनन राज्यमंत्री अर्चना पांडे व जिला प्रभारी मंत्री संदीप सिंह भी मेडिकल कालेज नहीं पहुंचे।