कच्चे मकान की पुताई के लिए पीली मिट्टी खोदने के दौरान टीला ढहने से तीन बहनें मिट्टी के ढेर में दब गईं। इससे एक किशोरी की मौत हो गई। दो को बचा लिया गया। रविवार सुबह की यह घटना तालग्राम थाना क्षेत्र के खगू नगला गांव की है। गांव के संतोष कुमार राठौर रविवार सुबह मनरेगा से बन रहे चकरोड पर काम करने गए थे। पत्नी ने बेटी चांदनी (15) और रामनंदनी (19) को घर की पुताई की खातिर पीली मिट्टी लाने के लिए भेज दिया।
रामनंदनी और चांदनी के साथ उनकी चचेरी बहनें खुशबू (15) पुत्री रामआसरे, सविता (12) पुत्री रामनिवास भी चली गईं। चारों बहनें पीली मिट्टी खोदने के लिए गांव से करीब पांच सौ मीटर दूर स्थित टीले पर पहुंची। चांदनी खुरपी लेकर टीले के अंदर मिट्टी खोद रही थी। खुशबू और सविता मिट्टी को टीले से बाहर लाकर बोरी में भर रही थीं। रामनंदनी टीले के बाहर इनकी मदद कर रही थी। इसी दौरान टीला ढह गया। चांदनी, खुशबू और सविता मिट्टी में दब गईं।
बाहर खड़ी रामनंदनी ने खुशबू और सविता को मिट्टी हटाकर बाहर निकाल लिया। चांदनी अंदर फंसी रह गई। रामनंदनी के शोर मचाने पर आए गांववालों ने आननफानन मिट्टी हटाकर चांदनी को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर तालग्राम थानाध्यक्ष मोहम्मद अनवर अहमद, बेहटा चौकी प्रभारी जगदीश चंद्र, दरोगा सुहेल खां मौके पर पहुंचे। लेखपाल भारत सिंह ने तहसील प्रशासन को हादसे की जानकारी दी है।