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ताजिया जुलूस में पेड़ ने कराया विवाद

Wed, 12 Oct 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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Fight
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तालग्राम कस्बे में बुधवार को ताजिया जुलूस के रास्ते में पड़ रहे नीम के पेड़ ने विवाद करा दिया। दीवार पर चढ़कर डालें तोड़ने से मना करने पर एक पक्ष के लोगों ने दीवार र्की इंटें उखाड़ दी। इससे जुलूस में भगदड़ मच गई। पुलिस ने माहौल बिगड़ता देख बल प्रयोग करते हुए जुलूस को आगे बढ़वाया।
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बुधवार को तालग्राम कस्बे में ताजिये का जुलूस निकाला जा रहा था। तालाब कला टिकुरिया मोहल्ले में शाम छह बजे के करीब ताजिया का जुलूस पहुंचा। एक नीम के पेड़ की कई डाले काफी नीचे आ गई थी। इससे ताजिया निकालने में दिक्कतें हो रही थी। कुछ युवकों ने परशुराम की दीवार पर चढ़कर नीम की डाल तोड़ डाली। परशुराम ने दीवार पर चढ़ने से मना किया तो युवकों ने दीवार की कई ईंटें उखाड़कर फेंक दी। यह देख दूसरे धर्म के लोगों ने विरोध जताया।

बताते हैं कि घटना के समय एक पुलिस जवान ही मौके पर मौजूद था। भगदड़ मचने के दौरान वह भी मौके से भाग निकला। कुछ ही देर बाद जुलूस के आगे पीछे चल रहे दर्जनों पुलिस जवान भाग कर घटना स्थल पर पहुंचे। आनन-फानन ताजिया जुलूस को आगे बढ़वाया। घटना को देखते हुए पुलिस व पीएसी के जवानों ने ड्यूटी को और सख्त कर दिया।
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 तालग्राम थाने में ताजिया कमेटी की बैठक के दौरान उक्त नीम के पेड़ को छंटवाने की बात रखी गई थी। नगर पंचायत ईओ को नीम का पेड़ छंटवाने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने नहीं छंटवाया। ताजिया निकलने में दिक्कत होने पर कुछ युवकों ने नीम की डालें छांटी। इसका एक युवक ने विरोध जताया। बाद में ताजिया शांति पूर्वक निकाला गया।

 उधर, एसपी दिनेश कुमार पी का कहना है कि उन्हें इस घटना के बारे में जानकारी नहीं है। थानाध्यक्ष ने उन्हें नहीं बताया है। माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जाएगा।

तीन वर्ष पहले पीपल की डाल काटने पर हुआ था विवाद
कन्नौज। तालग्राम कस्बे में पेड़ों की डालों को काटने के मामले में पहले भी विवाद होता रहा है। तीन साल पहले कस्बे के मोहल्ला तालाब कला टिकुरिया में ताजिया जुलूस के दौरान एक पीपल के पेड़ की डाले तोड़ने पर दोनों धर्मों के लोग आमने-सामने आ गए थे। यह विवाद कई दिनों तक  चला था। तत्कालीन उपजिलाधिकारी छिबरामऊ ने पैमाइश कराकर रास्ता खुलवा दिया था। इस पर दोनों धर्मों के लोग संतुष्ट हो गए थे।
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