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कॉलेज परिसर बना छावनी, चप्पे चप्पे पर पुलिस

Wed, 27 Jun 2018 11:57 PM IST
kannauj
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छात्र गुटों के टकराव के बाद पीएसएम कालेज में रखा पीएसी जवानों का सामान - फोटो : amarujala
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कन्नौज। पीएसएम डिग्री कालेज में बवाल के बाद से दोनों गुटों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। कालेज परिसर में शांति-व्यवस्था बनाए रखने और झगड़े की आशंका के चलते पीएसी बल तैनात कर दिया गया है। आरोपी छात्रों की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। सात छात्रों पर शांतिभंग में कार्रवाई की गई है।
पीएसएम डिग्री कालेज में दाखिला लेने पहुंची छात्रा का मोबाइल नंबर लेकर फोन पर बात करने और फेसबुक पर अश्लील पोस्ट करने को लेकर मंगलवार को कालेज में छात्रों के दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया था। इसमें चार लोग घायल हुए थे। पुलिस ने घायल समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें से सात के खिलाफ पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई जेल भेज दिया था। रात को पुलिस ने आरोपी छात्र नेता चंदन यादव, राज यादव, कुलदीप यादव, शुभम यादव, अजय शर्मा, अमन यादव उर्फ अन्ना, दीपक नेता, अजय यादव, कप्तान यादव, संदीप यादव की तलाश में उनके घरों में छापेमारी की। छात्र गुटों के बीच तनाव को देखते हुए एसपी किरीट कुमार राठोड़ ने कालेज परिसर में डेढ़ सेक्शन पीएसी बल तैनात कर दिया। एसपी ने पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश दिए है कि अगर कोई भी छात्र या बाहरी व्यक्ति कालेज में शांति व्यवस्था प्रभावित करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा मकरंद नगर चौकी पुलिस को भी कालेज गेट पर पिकेट करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कालेज की प्राचार्या शशिप्रभा अग्निहोत्री ने अपर जिलाधिकारी व सदर कोतवाल एके सिंह को पत्र लिखकर कालेज परिसर में बवाल करने वाले छात्र नेताओं व बाहरी युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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 कोतवाल ने कालेज प्रशासन को भेजा पत्र
कन्नौज। पीएसएम कालेज में छात्र गुटों के बीच हुए बवाल को लेकर कालेज प्रशासन और पुलिस महकमा एक दूसरे पर सुरक्षा-व्यवस्था की जिम्मेदारी का बोझ डालने का प्रयास कर रहा है। कोतवाल एके सिंह ने बुधवार को कालेज प्रशासन को एक पत्र भेजा है। इसमें कोतवाल ने कहा कि कालेज प्रशासन छात्र और छात्राओं के लिए ड्रेस कोड निर्धारित करे। बगैर आई कार्ड और कालेज में दाखिला संबंधी प्रपत्रों को चेक कर ही लोगों को कालेज परिसर में प्रवेश दिया जाए। कालेज में माहौल बिगड़ने की संभावना होते ही कालेज प्रशासन इसकी सूचना दे।
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