सदर कोतवाली क्षेत्र के तिर्वा रोड स्थित एक दूध संग्रह केंद्र पर एक पिकप चालक की शुक्रवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने गार्ड व अन्य कर्मचारियों से मारपीट की। पुलिस ने लाठियां पटकर उन्हें खदेड़ा और शव को मोर्चरी भेजा। इस मामले में पुलिस ने पांच कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। उधर समझौते के प्रयास के चलते अभी तक पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है।
बिल्हौर के गांव जमुनियापुरवा मकरपुर निवासी अनिल यादव (22) पुत्र हरिश्चंद्र कई साल से इस दूध संग्रह केंद्र पर पिकप चलाता था। शुक्रवार की रात 10 बजकर सात मिनट पर वह अपनी गाड़ी लेकर केंद्र आया। दूध उतारने के बाद अन्य चालकों के साथ बातचीत करता रहा। रात करीब 12 बजे वह सो गया। सुबह पांच बजे जब दूध उठाने के लिए अन्य चालक अपनी गाड़ियां लेकर निकलने लगे तो अनिल नहीं निकला। इस पर गार्डों ने कमरे में जाकर देखा, मगर वह नहीं मिला। 5:30 बजे उसकी पिकअप में उसका शव मिला। तब इसकी सूचना केंद्र के अधिकारियों व कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना पर कोतवाल सुभाष कुमार मौके पर पहुंचे।
उधर जानकारी होते ही मृतक के परिजन आ गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम भेजने का प्रयास किया तो लोग विरोध करने लगे। इसी बीच परिजनों ने फैक्ट्री के गार्ड व अन्य कर्मचारियों से मारपीट शुरू कर दी। इससे भगदड़ मच गई। पुलिस ने लाठियां पटककर लोगों को भगाया और पांच कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सूचना मिलते ही एसपी दिनेश कुमार पी, सीओ सदर सुरेंद्र पाल सिंह व पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव, सदर विधायक अनिल दोहरे मौके पर पहुंचे।
पूर्व ब्लाक प्रमुख के समझाने पर परिजन शांत हुए। इस मामले में केंद्र के अधिकारियों व परिजनों के बीच समझौते की बात चल रही है। इसलिए कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है। कोतवाल का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।