शहर में आनलाइन मार्केटिंग कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को ठगने वाले गिरोह का पुलिस ने रविवार को भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बताते चलें कि बीते दिनों गोरखपुर थाना क्षेत्र के गांव डाडी रावत निवासी राम गोपाल यादव पुत्र नरसिंह यादव ने आनलाइन शापिंग कंपनी में नौकरी देने के नाम पर धोखाधड़ी करने की प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी।
आरोप था कि कुछ लोग फर्जी कंपनी बनाकर नौकरी देने के नाम पर उससे धोखाधड़ी की है। शिकायत पर सक्रिय हुई प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस की टीम ने जांच पड़ताल कर शनिवार की देर रात तिर्वा रोड से छापामारकर 11 लोगों को पकड़ा था।
रविवार को पुलिस ने पूछताछ कर सरगना जौनपुर थाना सरतपा निवासी रामानुज वर्मा पुत्र हौसला प्रसाद वर्मा, गोरखपुर जनपद के थाना बांसगंज अंतर्गत गांव पगार निवासी राजेश चौरसिया, सुरजीत राय पुत्र राधेश्याम, जनपद अंबेडकर नगर के थाना कुर्की बाजार के गांव सम्मनपुर निवासी राजेश कुमार वर्मा पुत्र बसंतलाल और जनपद सुल्तानपुर के थाना कटगहरा निवासी शैलेंद्र वर्मा पुत्र राज बहादुर वर्मा को जेल भेज दिया है। सरगना रामानुज वर्मा बेरोजगारों को आनलाइन प्रोडेक्ट बेचने का हवाला देकर नौकरी का झांसा देता था।
वह प्रति युवक से 11 हजार 650 रुपये जमा कराने के बाद चार अन्य युवकों का ग्रुप बनाकर पैसा जमा कराने का दबाव बनाता था। फर्जी कंपनी में करीब 800 से अधिक युवक जुड़ चुके थे। तीन दिन पूर्व जब कुछ लोगों को नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने भागने का प्रयास किया। सरगना ने उन्हें शहर में एक कमरे में बंधक बना लिया। पुलिस ने सभी लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया है।