कोतवाली क्षेत्र के गांव निकोवनपुरवा तारामऊ सराय के एक घर में संदिग्ध हालात में मां और उसके मासूम बेटे का अधजला शव मिला। कमरे से धुआं निकलता देख पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। एसपी ने अंदर से बंद कमरे का दरवाजा खुलवाकर दोनों शवों को बाहर निकलवाया। घटना के दौरान घर में कोई भी मौजूद नहीं था। युवती के भाई ने कोतवाली में पति, सास- ससुर व जेठ-जेठानी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने सास को हिरासत में लिया है। एसपी हरीश चंदर ने बताया कि मामले की जांच में पुलिस की दो टीमें लगी हैं। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गांव निकोवनपुरवा तारामऊ सराय निवासी शैलेंद्र उर्फ लल्ला यादव पुत्र नरवीर की 2015 में कानपुर नगर के बिल्हौर थाना क्षेत्र के गांव जमुनियनपुरवा निवासी रामसेवक की पुत्री सुनीता देवी के साथ शादी हुई थी। शैलेंद अपने बड़े भाई देवेंद्र के साथ दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। दोनों भाई दिल्ली में ही रहते हैं। देवेंद्र की पत्नी रामा यादव बच्चों के साथ फतेहगढ़ में रहती हैं। गांव के घर में सिर्फ सुनीता और उसका एक साल बेटा आकांक्ष, सास विमला देवी और ससुर नरवीर यादव रहते हैं। सोमवार की रात करीब आठ बजे विमला देवी और नरवीर यादव खेत को देखने गए थे। तभी पड़ोसियों ने शैलेंद्र के घर के कमरे से धुआं निकलते देखा। पड़ोसियों ने फोन कर नौरंगपुर चौकी प्रभारी हरीश रावत को सूचना दी।
गुरसहायगंज कोतवाली प्रभारी अमर बहादुर पाल और पुलिस अधीक्षक हरीश चंदर मौके पर पहुंचे। तभी सास-ससुर भी खेतों से लौट कर घर आ गए। अंदर से कमरे का दरवाजा बंद होने के कारण सिपाहियों ने एक छोटे बच्चे का अंदर हाथ डलवाकर दरवाजा खुलवाया। कमरे के अंदर सुनीता देवी और बेटे का अधजला शव पड़ा था। सूचना पर दिल्ली से शैलेंद्र और देवेंद्र आ गए। मंगलवार की सुबह सुनीता के भाई सतीश चंद्र ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के मुताबिक आरोप है कि शैलेंद्र यादव, भाई देवेंद्र और उसकी पत्नी रामा देवी, पिता नरवीर और मां विमला देवी ने दहेज की मांग पूरी न होने पर सुनीता व उसके बेटे आकांक्ष को मारपीट कर जिंदा जला दिया। पुलिस ने विमला देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्राथमिक जांच में आत्मदाह की आशंका
कन्नौज। कमरे में युवती और उसके बेटे के अधजले शव के पास में ही मिट्टी के तेल की एक बोतल और माचिस भी मिली है। घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। इससे पुलिस की प्राथमिक जांच में मामला आत्मदाह का होने की बात सामने आ रही है।
आठ दिन पूर्व ही दिल्ली गया था शैलेंद्र
कन्नौज। पड़ोसियों और परिजनों के मुताबिक शैलेेंद्र और उसकी पत्नी सुनीता देवी के बीच किसी भी प्रकार का तनाव नहीं था। महीने दो महीने में शैलेंद्र दिल्ली से घर आता था और दो चार दिन रुकने के बाद फिर चला जाता था। 18 जून को वह घर आया था। इसके बाद 25 जून को दिल्ली चला गया था।