छिबरामऊ। सिकंदरपुर चौकी क्षेत्र के ग्राम जसुआमई से लापता युवक का शव पांचवे दिन गांव के बाहर खेत में लगे मकड़ैरे के ढेर के अंदर दबा मिला। हत्यारों ने हत्या कर उसका शव उसमें दबा दिया था। बदबू आने से जानकारी हो सकी। घटना के बाद मौके पर भीड़ जुट गई। सीओ व कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। युवक की हत्या किसने की और क्यों की अभी तक इसका खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम भेजने की तैयारी में जुटी है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जसुआमई निवासी रामानुज दुबे का बेटा पवन दुबे (37) पत्नी नीलम व बेटे अमन, आकाश के साथ दिल्ली में रहता था। वह दिल्ली में ही गाड़ी चलाता था। दीपावली के त्यौहार पर वह अपने गांव आया हुआ था। तीन नवंबर की रात से अचानक कहीं वह गायब हो गया। देर रात तक जब वह वापस घर नहीं लौटा तब परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कहीं कोई पता न चलने पर उसके पिता ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सोमवार की देर शाम गांव से करीब दो-ढाई सौ मीटर दूर महेंद्र बाथम के खेत के पास लगे मकड़ैरै के ढेर में उसका शव बरामद हुआ।
शव मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में परिजन भी रोते-बिलखते हुए मौके पर पहुंच गए। लापता युवक के शव की बरामदगी की सूचना मिलते ही सीओ सोमेंद्र कुमार नेगी, एसएसआई ओमकारनाथ, सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज दीपक कुमार पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार की शाम कुछ लोग गांव के बाहर खेतों की तरफ गए तभी उन्हें एक खेत में लगे मकड़ैरे के ढेर से बदबू आई। लोगों ने मकड़ैरे के ढेर को हटाया गया तो वहां के अंदर का नजारा देख लोगों के होश उड़ गए। उस ढेर में पवन दुबे का शव पड़ा था। उसके सिर में चोट के निशान थे।
चेहरा काला पड़ चुका था। मृतक के भाई कमल ने हत्या की बात कही है। उधर इस संबंध में सीओ का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। देर रात पुलिस ने शव का पंचनामा भरवाकर उसके पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने की व्यवस्था में जुटी थी।