गांव डुडवा बुजुर्ग में कपड़े धो रही महिला के ऊपर
बिजली का तार टूटकर गिर पड़ा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे खफा
ग्रामीणों ने हंगामा किया।
बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ
जमकर नारेबाजी की। सूचना पर पहुंचे पूर्व विधायक और एसडीएम ने लोगों को
शांत कराया। कोतवाली में बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
कराई गई है।
गांव डुडवाबुजुर्ग निवासी हकीमुद्दीन की पत्नी हदीसा
बेगम (45) गुरुवार की सुबह सात बजे घर के पास लगे हैंडपंप पर कपड़े धो रही
थी। इसी दौरान एलटी लाइन का तार टूटकर हदीसा के ऊपर गिर पड़ा।
करंट की चपेट में आने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। बिजली विभाग को मामले की जानकारी देकर तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराई गई।
जर्जर
तार टूटने की जानकारी मिलते ही सैकड़ों लोग इकट्ठे हो गए। ग्रामीणों ने
बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप लगाया कि यदि बिजली विभाग
ने समय रहते ढीले तारों को कस और बदल दिया होता तो यह हादसा न होता।
सूचना
पाकर पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी, एसडीएम छिबरामऊ संदीप कुमार गांव
पहुंचे। एसडीएम ने पीड़िता के परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया। पूर्व
विधायक ने मृतका के परिवारीजनों को दस लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की
है।
इस मामले में कोतवाली में हकीमुद्दीन ने कोतवाली में तहरीर दी
है। पुलिस ने रिपोर्ट लिख ली है। हालांकि मुकदमे में किसी अधिकारी का नाम
सामने नहीं आया है।
कोतवाली प्रभारी अरविंद मोहन जायसवाल का कहना
है कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। चौकी इंचार्ज बीएल
आजाद को विवेचना सौंपी गई है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई
होगी।