करीब 14 माह पूर्व पत्नी की पीट-पीट कर हत्या कर देने के मामलें में फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय न्यायाधीश हितेंद्र हरि ने हत्या के मामले में दोषी पाए गए पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं कोर्ट ने अर्थदंड के रुप में 10 हजार रुपये वसूलने का आदेश दिया।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि 10 मई 2016 को ठठिया थाना क्षेत्र के गांव भदौसी निवासी रामकिशन द्विवेदी उर्फ रामू पुत्र स्वर्गीय ध्रुव नारायण द्विवेदी ने अपनी पत्नी सुनीता की पीट-पीट कर गला दबा कर हत्या कर दी थी। मामले में मृतका सुनीता की मां आशा देवी स्वर्गीय प्रेमदत्त शुक्ला निवासी थाना इंदरगढ के गांव अगौस ने ठठिया थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। उसने बताया कि आरोपी रामू शराब पीने का आदी था, और आए दिन उसकी पुत्री सुनीता के साथ मारपीट कर उसे चोटे पहुंचाता था। बताया कि इस संबंध में उसकी पुत्री ने उसे बताया उसने उसे कई बार समझाने की कोशिश की लेकिन उसने मारते-पीटते हुए गला दबाकर हत्या कर दी।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि मामले की विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष अवस्थी ने करते आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट ने विवेचना पत्र के आधार पर व सभी साक्ष्यों व दोनो पक्षों के वकीलों की दलीले सुनने के बाद रामकिशन उर्फ रामू द्विवेदी को हत्या का दोषी पाया। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय न्यायाधीश हितेंद्र हरि ने रामू को धारा 302 के तहत हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 10 हजार रुपये अर्थदंड वसूलने का भी आदेश दिया।