छिबरामऊ। ग्राम हाथिन में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान एसडीएम व उनके हमराहियों द्वारा की गई अभद्रता के मामले की डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। शुक्रवार को एडीएम जांच करने के लिए गांव पहुंचे और ग्रामीणों से जानकारी लेकर उनके बयान दर्ज किए।
ग्राम हाथिन में बरमदेव के स्थान पर श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। बुधवार को कथा के दौरान उपजिलाधिकारी मंशाराम वर्मा व उनके हमराहियों ने अभद्रता कर साउंड सिस्टम को फेंक दिया था। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने इंदरगढ़-तालग्राम रोड पर जाम लगा दिया था। हालांकि उसी दिन मौके पर पहुंचे तहसीलदार अबुल कलाम और सीओ लक्ष्मीकांत गौतम ने भागवताचार्य व ग्रामीणों को काफी समझाया और खेद भी व्यक्त किया था। इसके बाद जाम तो खुल गया था। अगले दिन गुरुवार को भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री सुरेंद्र दीक्षित के साथ उपजिलाधिकारी मंशाराम वर्मा कथास्थल पर पहुंचे और उन्होंने भी खेद जताया। साथ ही व्यास गद्दी पर प्रसाद चढ़ाकर नगद धनराशि देकर सहयोग भी किया था। हालांकि बवाल के बाद इस मामले को राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने संज्ञान में लिया और जिलाधिकारी रवींद्र कुमार को पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। जिलाधिकारी ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश करते हुए अपर जिलाधिकारी डीपी सिंह को 48 घंटे के अंदर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। शुक्त्रस्वार को अपर जिलाधिकारी ग्राम हाथिन पहुंचे। उन्होंने कथास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों और ग्राम प्रधान पति विनोद सिंह चौहान से मामले की जानकारी कर उनके बयान दर्ज किए। इस मामले में अपर जिलाधिकारी ने बताया कि डीएम के आदेश पर उन्होंने एक पक्ष से जानकारी कर ली है। अब वह दूसरे पक्ष से भी जानकारी करेंगे। इसके बाद अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप देंगे।