सीएचसी के बाहर विलाप करते परिजन।
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गंभीर रूप से बीमार बच्चे की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार के दौरान मौत हो गयी। परिजनों ने आरोप लगाया कि गांव में झोलाछाप के गलत इंजेक्शन लगाने से बच्चे की मौत हुई है। शुक्रवार को ग्राम कसावा निवासी रामलखन पुत्र मातादीन अपने 11 माह के बच्चे कृष्णा को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे।
बच्चे की हालत नाजुक देखकर चिकित्सकों ने परिजनों को बाहर ले जाने की सलाह दी। इस पर परिजनों ने प्राथमिक उपचार करने की गुहार लगाई। इससे पहले उसका उपचार शुरू किया जाता बच्चे ने दम तोड़ दिया। रामलखन ने बताया कि बच्चे को सर्दी लग गई थी। इस पर उन्होंने गांव में ही एक झोलाछाप को दिखाया।
उसने आरोप लगाया कि झोलाछाप के इलाज से बच्चे की हालत और बिगड़ गई। हालत गंभीर देख उसे पहले एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। वहां चिकित्सकों ने इलाज करने से मना कर दिया। रामलखन ने बताया कि वह इस मामले की शिकायत पुलिस से करेंगे। इस बाबत सीओ सोमेन्द्र कुमार नेगी ने बताया कि किसी ने पुलिस को इस तरह की घटना के बारे में सूचना नहीं दी है, यदि तहरीर दी गयी तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा।