मरीजों को देखते चिकित्साधिकारी डॉ.राहुल मिश्रा।
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तरौस मोहल्ले में डायरिया से शनिवार को एक दस वर्षीय बालिका की मौत हो गई, जबकि इसी मोहल्ले से जुडे़ खेड़ा जगदीशपुर में नौ लोग बीमार हैं, जबकि तीन दिन में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इधर, मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेरा डाल दिया है। जानकारी के अनुसार खेड़ा जगदीपुर से लगे तरौस मोहल्ले में शोभ्ाा (10) की मौत हो गई। शोभा अपने बहनोई राम सिंह शाक्य के यहां आई थ्ाी। शुक्रवार रात उसे अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गए।
शनिवार को उसकी मौत हो गई। खेड़ा जगदीशपुर मोहल्ले में इस समय ज्यादातर लोग उल्टी, दस्त और पेट दर्द से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक मोहल्ले में डायरिया के प्रकोप की चपेट में आकर ललोल मिश्रा (45), अपनी ननिहाल में आई हरिमोहन की नातिन मोनी (8) और सर्वेश कुमार (42) की 30 जून को मौत हो गई थी। मोहल्ले के अनुराग (5) पुत्र चंद्रभान की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे उपचार के लिए फर्रुखाबाद ले गए हैं।
कई अन्य मरीजों को छिबरामऊ अस्पताल भेजा गया है। गांव के नवाब सिंह, चांदनी, कैलाश, सुरेशचंद्र, सोनाक्षी, सोनाली, कन्हैयालाल, संजय और संजू सक्सेना अभी भी उलटी और दस्त से पीड़ित हैं। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि नगर पंचायत द्वारा सफाई व्यवस्था नहीं कराए जाने से यह स्थिति पैदा हुई है।
उधर, सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छिबरामऊ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.राहुल मिश्रा के नेतृत्व में डॉ.विवेक पाल, डॉ.प्रभात कुमार, एनएस त्रिपाठी, एएनएम मालती यादव व गोपाल कुमार की टीम ने मोहल्ले में डेरा डाल दिया। चिकित्साधिकारी ने बताया कि अब स्थिति कंट्रोल में है। चार-पांच लोग डायरिया से पीड़ित हैं। उन्हें डाक्टरों की देखरेख में उपचार किया जा रहा है। रात में डाक्टर अभिषेक बाजपेई के नेतृत्व में एनएस त्रिपाठी व शिवरतन सिंह की टीम मोहल्ले में मौजूद रहेगी।