फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटों के न आने से आहत बीमार वृद्ध ने जान दी

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन


विशुनगढ़। बीमारी से परेशान सरैया गांव के वृद्ध ने बाहर रह रहे बेटों को बुलाया लेकिन वह नहीं आए। इससे आहत होकर रविवार सुबह उसने गांव के बाहर फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस को सूचना दिए बिना ग्रामीण शव उतरकर गांव ले आए।


विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सरैया निवासी रतिराम प्रजापति (62) पुत्र रामेश्वर दयाल छिबरामऊ कोतवाली में होमगार्ड थे। उनका एक बेटा सोबरन ट्रक चालक है और दूसरा सुधीर हरियाणा के गुरुग्राम में प्राइवेट नौकरी करता है। एक शादीशुदा बेटी है। रतिराम पत्नी कलावती के साथ गांव में रहता था। उनका पेट दर्द की बीमारी का फर्रुखाबाद में इलाज चल रहा था। कलावती ने बताया कि परेशानी बढ़ाने पर वृद्ध ने फोन कर बेटों को घर बुलाया था लेकिन छुट्टी न मिलने के कारण बेटों ने आने से मना कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे रतिराम आहत हो गए थे। रविवार तड़के वह घर से चुपचाप निकल गए। काफी देर तक घर न लौटने पर पत्नी ने भतीजे कश्मीर सिंह और नाती खुशीराम को जानकारी दी। दोनों वृद्ध को ढूंढने खेतों की तरफ गए। वहां एक बेरी के पेड़ से रतीराम का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। सूचना मिलने पर पत्नी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीण शव को फंदे से उतारकर घर ले आए। घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई है।


बीमार पिता ने बेटों को बुलाया, नहीं आए तो जान दे दी
बाहर रहकर नौकरी करते हैं सरैया के रतिराम के दो बेटे
पेट दर्द की बीमारी का चल रहा था फर्रुखाबाद में इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो 09सीएचबीपी53 वृद्ध की मौत पर रोते-बिलखते परिजन और रिश्तेदार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें