अमर उजाला ब्यूरो
छिबरामऊ। ताजपुर रोड स्थित काली मठिया मंदिर का दानपात्र से नगदी रविवार रात को बदमाश लूट ले गए। सुबह लोगों को मंदिर से कुछ दूर टूटा दानपात्र पड़ा मिला। गांव के एक युवक ने कोतवाली में तहरीर दी गई है। इसके पहले भी कई मंदिरों में लूट की वारदात हो चुकी हैं।
ताजपुुर रोड पर स्थित काली मठिया मंदिर में बदमाशों ने रविवार की देर रात कमरे के गेट की कुंडी के पास दीवार काटकर उसमें रखा दानपात्र व अन्य कीमती सामान पार कर दिया। बदमाशों ने दूसरे कमरे का भी गेट तोड़ने की कोशिश की। खटपट की आवाज सुुन पुजारी प्रमोद दीक्षित व अन्य बाबा जमादार सिंह जाग गए। भय के चलते उन दोनों ने गेट नहीं खोले।
इसके बाद बदमाश वहां से भाग निकले। मंदिर के पुजारी प्रमोद दीक्षित ने बताया कि उसमें एक पड़ोस में रहने वाला युवक है। उसके साथ दो अन्य नकाबपोश बदमाश थे, उन्हें नहीं पहचान सका। पुजारी ने आशंका जताई कि यदि वह लोग गेट खोल देते, तो वह उसकी हत्या भी कर सकते थे।
घटना के संबंध में नगर के मोहल्ला त्रिपाठी नगर निवासी कृष्णकांत तिवारी पुत्र गनेशचंद्र तिवारी ने कोतवाली में घटना के संबंध में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2009 में भी उनके इस मंदिर पर बदमाशों ने धावा बोलकर मंदिर के पुजारी रामस्वरूप तिवारी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।
इस समय बदमाशों के निशाने पर क्षेत्र के मंदिर हैं। अब तक कई मंदिरों पर बदमाश धावा बोलकर वहां के दानपात्रों से नगदी लूट चुके हैं, जबकि एक मंदिर पर पुजारी के हाथ-पैर बांधकर डाल दिए गए थे, जबकि दूसरे मंदिर पर बदमाशों ने पुजारी के गोली तक मार दी थी। अब तक लगभग क्षेत्र में दस मंदिरों से इस तरह की वारदातें हो चुकीं हैं, लेकिन अभी तक किसी भी घटना का खुलासा नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्रीय लोगों में रोष व्याप्त है।
एक और मंदिर का दानपात्र लूटा
ताजपुर गांव के काली मठिया मंदिर में हुई वारदात
2009 में लुटेरों ने कर दी थी पुजारी हत्या
फोटो 07सीएचबीपी64- प्लाट में पड़ा खाली दानपात्र दिखाता पुजारी प्रमोद।