रानी की सराय(आजमगढ़)। थाना क्षेत्र के अहियाई गांव में सोमवार की सुबह करेंट लगने से हुई प्राइवेट लाइनमैन गोविंदा की मौत के मामले में प्रथम दृष्टया विद्युत उपकेंद्र रानी की सराय के एसएसओ की लापरवाही उजागर होने पर उसका ट्रांसफर कर दिया गया। साथ ही पूरे घटनाक्रम की विद्युत सुरक्षा निदेशालय को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। लाइनमैन के परिवार की सहायता के लिए पांच लाख रुपये बीमा की रकम भी दी जाएगी।
विद्युत उपकेंद्र रानी की सराय के एसडीओ मनोज कुमार के मुताबिक सोमवार की सुबह उपकेंद्र पर एसएसओ संतोष कुमार की ड्यूटी थी। जांच के दौरान पता चला कि रविवार को चली हवाओं की वजह से अहियाई गांव में हाईटेंशन तार टूट गया था। इसकी सूचना मिलने पर प्राइवेट लाइनमैन गोविंदा फोन के जरिए बिजली कटवाकर तार जोड़ने के लिए पोल पर चढ़ा हुआ था। अभी वह तार जोड़ ही रहा था कि सप्लाई चालू हो जाने से करेंट लगने से उसकी मौत हो गई। एसडीओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया इस मामले में एसएसओ संतोष कुमार की लापरवाही उजागर होने पर उनका स्थानांतरण लालगंज तहसील के जिरिकपुर गांव में स्थित उपकेंद्र पर कर दिया गया। जितने भी प्राइवेट लाइनमैन विभाग में काम करते हैं। उनका पांच लाख रुपये का बीमा होता है। ऐसे में गोविंदा के परिवार को विभाग की तरफ से इस बीमे की रकम दी जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिशासी अभियंता खंड तृतीय एमके अग्रवाल ने बताया कि लाइनमैन की मौत किन परिस्थितियों में हुई है। इसकी जांच के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएगा। उसके तहत कार्रवाई की जाएगी।