तिर्वा(कन्नौज)। बाजार में नकली नोटों की खेप आई है। कई व्यापारियों के हाथ में आए नोटों से नकली नोट चलने की बात सामने आई। इससे व्यापारी दहशत में है।
जाली नोटों के कारोबार को बंद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 में 500 और एक हजार के नोट बंद होने का ऐलान कर दिया था। नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ने 10 से लेकर 200 व 500 और दो हजार का नया नोट जारी किया। कुछ समय तक लोगों में नकली नोटों का डर चला गया था, लेकिन अब कस्बे के व्यापारियों ने बाजार में बड़े पैमाने पर नकली नोटों के चलने की बात कही है। यह नोट असली की अपेक्षा एक-दूसरे से मेल खाते नजर आ रहे। जो असली नोट में लिखा वही नकली पर भी। असली नोट मे पडे़ तार भी एक जैसे प्रतीत हो रहे। सिर्फ नकली नोट में रोशनी में जब देखा जाता तो नोट की सफेद जगह पर गांधीजी की फोटो नहीं दिखती है। असली में जब रोशनी में देखा जाता तो सफेद जगहों पर गांधी जी दिखते हैं। इतना महीन अंतर होने के कारण नकली नोट बाजार में बड़ी मात्रा में दिख रहे हैं।
व्यापारी गोविंद गुप्ता ने बताया कि जब कोई दुकान पर समान लेने आता तो इतना समय नहीं मिलता कि एक-एक नोट चेक किया जाए। इसी का फायदा उठाकर लोग नकली नोट चलाने में कामयाब हो जाते है। कस्बा में नकली नोटों का चलन देखा गया है सभी लोग देख सुनकर नोट लें।
दुकानदार अंकित ने बताया कि उनकी दुकान पर एक 200 रुपये का नोट नकली आ गया। नोट बिल्कुल असली की तरह छपा हुआ है। बस अंतर इतना है जो सफेद जगह पर रोशनी में गांधी जी दिखते हैं, वह नकली नोट में नही है। जाली नोट मिलने के बाद वह हैरत में आ गए।
अमित ने बताया कि वह छोटी-छोटी दुकानों पर फेरी लगाकर सामान देकर व्यापार कर रहा है। सोमवार को दुकानों पर सामान देकर रूपए लेकर जब वह होलसैल की दुकान पर रुपये की अदायगी के लिए पहुंचा तो नोटों में 100 रुपये का एक नोट नकली निकला जो कि असली जैसा लग रहा था।
व्यापारी राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि नकली नोटों का चलन बढ़ गया है। उन्हें आशंका है कि कस्बे में बाहर से आने वाले व्यापारी भोले-भाले किसानों को नकली नोट देकर चले जाते है। इससे कस्बे में नकली नोट बढ़ गए हैं। कई लोगों ने उन्हें नकली नोट मिलने की जानकारी दी है।
वहीं, आर्यवर्त ग्रामीण बैंकं शाखा तिर्वा मैनेजर अमित भट्ट ने बताया कि असली नोट में जो वॉटरमार्क कि जगह होती है वहां पर रोशनी में देखने पर चित्र दिखाई देता जो नोट में बना होता। इसके साथ ही जो तार लगा होता उसे पैरा बैगनी किरणों में देखने पर आरबीआई भारत लिखा दिखाई देता है। असली नोट का कागज थोड़ा मोटा होता है नकली का कम होता है। असली नोट भीगने पर फटेगा नही ओर नकली भीग जाने पर फट जाएगा। अगर किसी को नकली नोट पर शक होता है तो वह तत्काल ही उसे देख सकता है।