निरीक्षण के दौरान खामिया मिलने पर नराजगी जताते समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण। संवाद
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कन्नौज। प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभारी) असीम अरुण शनिवार रात जिला चिकित्सालय पहुंचे तो वहां ड्यूटी पर तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) समेत कई कर्मचारी वर्दी में नहीं मिले। सीएमएस भी बगैर एप्रिन ही मंत्री के सामने पहुंच गए। मरीज और उसके तीमारदारों ने भी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की पोल खोली। इस पर मंत्री खफा हो गए। सीएमएस ने ईएमओ समेत पांच कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है।
राज्यमंत्री असीम अरुण शनिवार रात जिला चिकित्सालय पहुंचे। अस्पताल में घुसते ही उन्हें ईएमओ डॉ. वीके शुक्ल मिले, लेकिन वे एप्रिन नहीं पहने हुए थे। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि कोई कैसे पहचानेगा कि आप डॉक्टर हैं। इसके बाद फार्मासिस्ट और तीन वार्ड ब्वाय भी निर्धारित यूनिफार्म में नहीं मिले। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई। जिला अस्पताल के वार्ड संख्या दो में भर्ती पहलवानगंज निवासी जगमोहन से स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि गुरुवार से भर्ती हैं, लेकिन अभी तक एक्सरे रिपोर्ट नहीं मिली है। इसके कारण सही ढंग से उपचार भी नहीं हो पा रहा हैं। इसी बीच सीएमएस डॉ. शक्ति बसु और सीएमओ डॉ. विनोद कुमार भी मौके पर पहुंच गए।
सीएमएस डॉ. शक्ति बसु भी बगैर एप्रिन के ही मंत्री के सामने पहुंचे तो मंत्री ने नाराजगी जाहिर की। इस पर राज्यमंत्री ने दोनों अधिकारियों को किसी भी मरीज के इलाज में लापरवाही न बरतने और स्टाफ को ड्रेस कोड में ड्यूटी करने के निर्देश दिए।
मंत्री के निरीक्षण के बाद सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने ईएमओ, फार्मासिस्ट और तीन वार्ड ब्वाय को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।