कन्नौज। जिला अस्पताल में भर्ती वृद्ध ने रेफर होने के बाद दो घंटे तक एंबुलेंस न मिलने से दम तोड़ दिया। नाराज परिजनों ने हंगामा किया। पैरामेडिकल स्टाफ पर आरोप लगाते हुए मारपीट की। हस्तक्षेप करने आए एक तीमारदार को भी पीट दिया गया। पैरामेडिकल स्टाफ ने मांग की है कि अब जब तक पुलिस इमरजेंसी में नहीं होगी तब तक वह मरीजों को न तो भर्ती करेंगे न ही उपचार देंगे।
जिला अस्पताल में सोमवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव नेरा निवासी सुरेश चंद्र पांडेय(65) को परिजनों ने फेफड़ों में इंफेक्शन होने पर भर्ती कराया। ऑक्सीजन देने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। इस पर जिला अस्पताल से उनको 11:30 बजे कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया। परिजनों ने 108 नंबर एंबुलेंस को फोन किया तो तत्काल आने की बात हुई। परिजन बीमार वृद्ध को लेकर इमरजेंसी में एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। दो घंटे के बाद एंबुलेंस इमरजेंसी के सामने पहुंची। जैसे ही एंबुलेंस इमरजेंसी के सामने पहुंची तभी वृद्ध ने दम तोड़ दिया। इससे नाराज परिजनों ने इमरजेंसी में हंगामा कर दिया। पैरामेडिकल स्टाफ पर एंबुलेंस न उपलब्ध कराने का आरोप लगाते हुए मारपीट की।
सीएमएस कार्यालय के गेट पर बैठे कर्मचारी को भी पीट दिया। जिला अस्पताल में दवा लेने आए एक मरीज के तीमारदार को भी हस्तक्षेप करने पर पीटा गया। करीब एक घंटे तक हंगामा करने के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। जिला अस्पताल में आए दिन हो रहे हंगामे व मारपीट को लेकर पैरामेडिकल स्टाफ ने नाराजगी जताई है। कहा कि इस समय जिले में इंफेक्शन के चलते ऑक्सीजन की दिक्कत होने संबंधी मरीज आ रहे हैं। अक्सर मरीज की उपचार के दौरान मौत हो रही है। इस पर परिजन हंगामा कर मारपीट कर रहे हैं। इस दशा में इमरजेंसी में उपचार देना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए इमरजेंसी में पुलिस की व्यवस्था कराई जाए नहीं तो वह इमरजेंसी में भी मरीजों को उपचार नहीं देगें।
उधर, इस घटना को लेकर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने डीएम राकेश कुमार मिश्र, एसपी प्रशांत वर्मा, सीएमअओ डॉ. कृष्ण स्वरूप को पत्र भेज कर पुलिस व्यवस्था कराने की मांग की है।