छिबरामऊ। विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के लोकपुर शंकरपुर गांव में शनिवार की रात झोपड़ी में आग लग गई। आसपास के लोगों एकजुट होकर आग पर काबू पाया। आग से सात मवेशियों की मौत हो गई और दो झुलस गए। झोपड़ी में आग लगने की वजह पता नहीं चली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
क्षेत्र के लोकपुर शंकरपुर गांव निवासी जितेंद्र की फूस की झोपड़ी में रात करीब 11 बजे अचानक आग लग गई। झोपड़ी से लपटे उठती देख जितेंद्र ने ग्रामीणों के साथ मिलकर सबमर्सिबल पंप की मदद से आग पर काबू पाया। तब तक संजीव की दो भैंस, एक पड्डा, शिशुपाल की एक भैंस, एक बछड़ा, रामबेटी व जितेंद्र की एक भैंस मर चुकी थी। इसके अलावा शिशुपाल का एक गाय का बछड़ा व एक भैंस झुलसी पड़ी थी। झुलसे मवेशियों का डॉक्टर उपचार किया। रविवार को नायब तहसीलदार शिखर मिश्रा, विशुनगढ़ के वरिष्ठ उप निरीक्षक राधेश्याम, जिला पंचायत सदस्य के पति संदीप यादव व दलगंजन सिंह यादव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से मामले की जानकारी ली। आग से मरे मवेशियों की कीमत पांच लाख रुपये बताई गई है। नायब तहसीलदार ने बताया कि मवेशियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पशुपालकों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।
20 हजार की सहायता देकर पोछे आंसू
जिला पंचायत सदस्य नीरज देवी अपने पति संदीप यादव के साथ गांव पहुंची। उन्हाेंने जिन ग्रामीणों के मवेशी मरे हैं, उन्हें 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देकर उनके आंसू पोंछे।
अराजकतत्वों पर आग लगाने का शक
जितेंद्र की झोपड़ी में आखिरकार आग कैसे लगी, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है। हालांकि अधिकांश लोगों का मानना है कि यह किसी अराजकतत्व की सोची समझी साजिश का हिस्सा है।