छिबरामऊ। व्यापारी नेता तथा मंडी निरीक्षक के विवाद के बाद दर्ज हुए मुकदमे तथा व्यापारियों द्वारा लगाए गए मंडी निरीक्षक पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एसडीएम ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। वहीं मंडी में मंगलवार को दिन सामान्य रहा।
एसडीएम अशोक कुमार ने बताया कि व्यापारी व मंडी निरीक्षक के बीच हुए विवाद की जांच के लिए तहसीलदार राजू कुमार, मंडी सचिव बृजभान सिंह व कोतवाल जयप्रकाश शर्मा को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ मंडी निरीक्षक श्रवण कुमार परमार विवाद के बाद दूसरे दिन ड्यूटी पर पहुंचे। गेट से गुजरने वाली गाड़ियों का निरीक्षण करने के साथ ही विभागीय कार्य भी निपटाए। व्यापारियों का खेमा भी शांत रहा। आढ़तों पर मूंगफली और मक्का की खरीद फरोख्त की गई। गल्ला आलू व्यापारी संघ के अध्यक्ष अनुज गुप्ता उर्फ जॉनी ने कहा कि प्रशासन की न्याय प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। पूर्व की भांति कार्य शुरू करवा दिया गया है। अगर व्यापारियों का उत्पीड़न हुआ तो दोबारा प्रदर्शन होगा।
ये था मामला.....
रविवार की देर शाम मंडी निरीक्षक श्रवण कुमार परमार ने ओवरलोड ट्रॉली पकड़ ली थी। सोमवार की सुबह व्यापारियों दरी बिछाकर मंडी गेट पर ही बैठ गए। व्यापारियों के प्रदर्शन के कारण किसानों के ट्रैक्टर मंडी में नहीं आ सके। व्यापारियों ने मंडी निरीक्षक पर ढाई हजार रुपए की अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाए जाने की मांग की थी। हालांकि इसी मामले में मंडी निरीक्षक की तहरीर पर कोतवाली में व्यापारी नेता अनुज गुप्ता उर्फ जॉनी समेत 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत किया गया था।
----------------------------------