छिबरामऊ। जीटी रोड पर घिलोई मोड़ के पास तेज रफ्तार कंटेनर की चपेट में दो ई-रिक्शे आ गए। हादसे में एक ई-रिक्शा चालक व एक महिला की मौत हो गई। मासूम समेत सात लोग घायल हो गए। घायलों को सौ शैया अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा व उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के लिए रेफर कर दिया गया।
ग्राम घिलोई खास निवासी सगीर (42) ई-रिक्शा चलाता था। रविवार को वह भतीजी काजल (22), शालू (19) को दवा दिलाने के लिए ई-रिक्शा से छिबरामऊ जा रहा था। ई-रिक्शा पर तिर्वा कोतवाली के ग्राम अलमपुर निवासी प्रियांशू (28) भी सवार था।
जीटी रोड पर निगोह मोड़ के पास पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी। इसी दौरान आगे चल रहा एक और ई-रिक्शा कंटेनर की चपेट में आ गया। इसमें सवार गांव मोहन नगला निवासी महेश (48), पत्नी मीरा देवी (45) के अलावा दो अन्य महिलाएं व एक मासूम बच्ची भी घायल हो गई। इन तीनों की पहचान नहीं हो सकी है। हादसे में सगीर की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को सौ शैया अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में काजल, प्रियांशू, महेश, मीरा देवी व दोनों अज्ञात महिलाओं को राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा व उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई के लिए रेफर कर दिया गया। सैफई ले जाते समय महिला की भी मौत हो गई, हालांकि उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। कंटेनर चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
मां को याद कर चेहरे निहार रही मासूम
घायल लोगों को सौ शैया अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे में दो साल की मासूम भी घायल हो गई। कुछ देर बाद होश में आने पर यह मासूम अपनी मां को याद कर दूसरों के चेहरे निहार रही थी। अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने बच्ची को बिस्कुट व कोल्ड ड्रिंक देकर बहलाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में इस बच्ची को भी सैफई भेज दिया गया।
मां के बाद सिर से उठा पिता का साया
कंटेनर की टक्कर के बाद जान गंवाने वाले सगीर की पत्नी इरफाना की सात साल पहले बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। तीन बेटी शामिनी, कामिनी, नेहा व बेटा सच्चे व अच्छे की परवरिश की जिम्मेदारी उसी पर थी। अब पिता की मौत के बाद बच्चों के सामने परवरिश का संकट आ गया है। बच्चे अपने पिता के शव को देखकर बिलख-बिलख कर रो रहे थे।
शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे दंपती
मार्ग दुर्घटना में घायल हुए ग्राम मोहन नगला निवासी महेश व उसकी पत्नी मीरा देवी अपनी बेटी की ननद की शादी में शामिल होने के लिए औरैया जा रही थी। इसी दौरान हादसा हो गया।