बंगलुरु में कमांडो की ट्रेनिंग करते समय थल सेना के
सिखलाई रेजीमेंट का सैनिक घायल हो गया, जिसकी उपचार के दौरान उसकी मौत हो
गई। उसका पार्थिव शरीर सोमवार की शाम उसके पैतृक गांव हंसापुर्वा में लाया
गया। शहीद के शव को देख हर आंख रो पड़ी।
इस मौके पर प्रदेश के माध्यमिक
शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल, एसडीएम उदयवीर सिंह, सीओ सुरेंद्र पाल
सिंह, तिर्वा कोतवाल बीएल यादव, राज्यमंत्री के प्रतिनिधि इंजीनियर अनिल
पाल मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। देर शाम पूरे सम्मान के
साथ शहीद का अंतिम संस्कार गांव में ही किया गया।
कोतवाली क्षेत्र के
हंसापुर्वा गांव निवासी उपेंद्र सिंह यादव (23) पुत्र रणवीर सिंह यादव का
चयन पिछले वर्ष भारतीय थल सेना के सिखलाई रेजीमेंट में हुआ था। पिछले दिनों
उसे कमांडो की ट्रेनिंग के लिए बंगलुरु में प्रशिक्षण को भेजा गया था।
सैनिक सूत्रों के मुताबिक, ट्रेनिंग के दौरान वह घायल हो गया।
उपचार के लिए
बंगलुरु में ही सैनिक अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां उपचार के दौरान
रविवार को उसने दम तोड़ दिया। उसका पार्थिव शरीर लेकर बंगलुरु से नायक
सूबेदार प्रेमनारायन फतेहगढ़ पहुंचे। यहां से सिखलाई रेजीमेंट के 11
सैनिकों का काफिला सूबेदार हरबीर सिंह के नेतृत्व में हंसापुर गांव पहुंचा।
शहीद का शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। हजारों लोगों की
भीड़ भी शहीद को श्रद्धांजलि देने गांव पहुंच गई। राज्यमंत्री ने शहीद के
शव पर पुष्प गुच्छ अर्पित किए। पूरे सैनिक सम्मान के साथ शहीद को अंतिम
सलामी दी गई। बाद में गांव में ही दाह संस्कार किया गया। राज्यमंत्री ने
परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया।