तालग्राम। अवैध रूप से संचालित बायो डीजल पेट्रोल पंपों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए रविवार को शिकंजा कस दिया है। डीएसओ ने टीम के साथ जांच की, जिसमें नियमों का उल्लंघन मिलने पर सात अवैध बायो डीजल पंपों को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में अफरातफरी का माहौल है।
बिना लाइसेंस के बायो डीजल बेचे जाने की पूर्ति विभाग को शिकायतें मिल रही थीं। इससे वाहन चालकों को नुकसान हो रहा था, बल्कि सरकारी राजस्व को भी क्षति पहुंच रही थी। डीएसओ राजीव मिश्रा ने बताया कि अभी तक सात अवैध बायो डीजल पंप का निरीक्षण का किया जा चुका है। जांच में पाया गया कि कई पंपों पर न तो वैध अनुमति थी और न ही बायो डीजल की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप थी। इसके अलावा आवश्यक दस्तावेज भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। नियमों के उल्लंघन पर सात पंपों को सील करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अग्रिम आदेशों तक बिक्री पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आगे भी अभियान जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संचालक बायो डीजल पंप बंद कर फरार
ताहपुर और उमरपुर में अवैध रूप से चले बायो डीजल पंप को संचालक बंद कर फरार हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि ताहपुर में पंप संचालक स्वयं एक मशीन खोल कर ले गए और दूसरी मशीन पर पॉलिथीन को लपेट कर और वेंटिलेशन पाइप को खोल कर ले गए हैं। वही उमरपुर में भी मशीन पर भी पॉलिथीन लपेट दी गई है और यहां भी वेंटीलेशन पाइप खोल लिए गए हैं।