कन्नौज। कोरोना को भगाने के लिए जुटी स्वास्थ्य कर्मियों में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तिर्वा के उपकेंद्र भदौसी से जुड़ी एएनएम दीपकांती ने फर्ज को अहमियत दी है। कोरोना काल में ग्रामीण क्षेत्रों में मिली ड्यूटी को उन्होंने अपनी टीम के साथ बखूबी निभा रही हैं ।
मूलरूप से फर्रुखाबाद जिले की रहने वाली 36 वर्षीय एएनएम दीपकांती एक बच्चे की मां हैं। कोरोना की पहली लहर हो या दूसरी उन्होंने मां का फर्ज भी निभाया और पूरी ईमानदारी व निष्ठा से सजग और सतर्क रहकर ड्यूटी भी की है। जब वह घर पर होती हैं तब बच्चे पर ममता लुटाती हैं और जब ड्यूटी पर होती हैं तो लोगों की सेवा को प्राथमिकता देती हैं।
दीपकांती बताती हैं कि मैंने अपने जीवन काल में इस तरह की भयानक महामारी कभी नहीं देखी और जब देखी भी तो इस महामारी में योद्धा के रूप काम करने का सौभाग्य मिला। मुझे गर्व महसूस होता है।
यह समय अपने स्वार्थों से ऊपर उठकर कुछ करने का है अगर हम स्वास्थ्य कर्मी अपने बारे में सोचेंगे तो फिर कोरोना बाधित परिवारों का क्या होगा। उन्होंने कहा मैं चाहती हूं कि जो लोग कोरोना उपचाराधीन हैं वह जल्द से जल्द ठीक हो जाए। उन्होंने मॉस्क लगाने और टीकाकरण कराने की अपील की है।