जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के आदेश के बावजूद कई मतदान
केंद्रों पर रसोइया खाना बनाने नहीं पहुंचीं, जिससे मतदान अफसरों को ड्यूटी
के दौरान पेट की भूख मिटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं डीएम
के आदेशों को ताक पर रखकर तमाम मतदान केंद्रों पर प्रधानों ने आटा और सब्जी
भेजकर आचार संहिता का उल्लंघन कर पोलिंग पार्टियों को खुश किया।
तिलपई
डिगसरा में पीठासीन अधिकारी भुवनेश्वर सिंह ने बताया कि रसोइया न तो
गुरुवार की शाम खाना बनाने आईं और न ही शुक्रवार को नजर आईं। कहा कि घर से
लाया नाश्ता और बिस्कुट खाकर काम चलाया गया। उच्च प्राथमिक स्कूल फतेहपुर
जसोदा में पीठासीन अधिकारी प्रेम किशोर ने बताया कि रसोइया उनके यहां नहीं
आई।
पीआरडी जवान प्रेमशंकर ने बताया कि खाने की दिक्कत ने परेशान कर दिया।
प्राथमिक स्कूल जसौरा में टीचर अरविंद कुमार ने बताया कि रसोइया खाना बनाने
नहीं आईं। घर से लाया नाश्ता करके आधे पेट चुनाव ड्यूटी कर रहे हैं।
कूल्हापुर में रसोइया क्रांति व रामश्री ने पूड़ी सब्जी बनाकर पोटिंग
पार्टी को खिलाई।
बताया कि प्रधान व हेड टीचर ने आटा व सब्जी भिजवाई थी। प्राथमिक
स्कूल मवई रिहायक में रसोइया ममता, नीलम और जसोदा ने सब्जी पूड़ी बनाई।
यहां भी खाना बनाने की सामग्री ग्राम प्रधान ने भिजवाई थी। उधर, प्राथमिक
स्कूल खुरदैया में पीठासीन अधिकारी रघुवीर सिंह ने कहा कि शुक्रवार को कोई
रसोइया खाना बनाने नहीं आईं।
इस वजह से भूखे रहकर ड्यूटी करनी पड़ी। घर से
लाया नाश्ता और बिस्कुट खाकर ही काम चलाया। उधर, बीएसए रामकरन यादव ने
बताया कि अभी तक किसी पोलिंग पार्टी ने इस संबंध में शिकायत नहीं की है।
कहा कि पता कराएंगे कि किन-किन मतदान केंद्रों पर रसोइया खाना बनाने के लिए
नहीं पहुंची।
यदि विभागीय आदेश के बावजूद रसोइयों ने खाना नहीं बनाया तो
यह लापरवाही है। कहा कि वे जांच कराकर सख्ती करेंगे, ताकि अगले चरण में
समस्त मतदान केंद्रों पर शत प्रतिशत रसोइया पहुंचें और पोलिंग पार्टियों से
अनाज का भुगतान लेकर उन्हें भोजन-नाश्ते की सुविधा मुहैया कराएं।