पंचायत चुनाव में दूसरे चरण के नामांकन प्रक्रिया के
अंतिम दिन पर्चा दाखिल करने के लिए प्रत्याशियों की भीड़ उमड़ पड़ी। आलम यह
हो गया निर्धारित समय के बाद भी देर रात तक खिड़कियों पर लंबी लाइनें लगी
रहीं।
दूसरे चरण के लिए नामांकन का शुक्रवार को अंतिम दिन था। नामांकन
प्रक्रिया सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित थी। अंतिम दिन होने के
कारण नामांकन के लिए प्रत्याशियों और उनके प्रस्तावकों की सुबह से ही भीड़
ब्लाक मुख्यालय पर जुटनी शुरू हो गई थी।
दोपहर तक आलम यह था जीटी रोड हाईवे
पर छोटे-बड़े वाहनों के साथ लोगों की भीड़ से आवागमन घंटों बाधित रहा। जाम
की स्थिति को सुलझाने के लिए ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों को अच्छी खासी
कवायद करनी पड़ी। पुलिस कई बार सड़क पर डंडा फटकार कर भीड़ को तितरबितर
करना पड़ा।
व्यवस्था बनाए रखने को एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित, सीओ वीपी
सिंह सोलंकी, बीडीओ अनिल कुमार पूरे समय मुस्तैद रहे। ब्लाक मुख्यालय
गेट पर कोतवाल अरविंद मोहन जायसवाल, एसएसआई शेषकुमार शुक्ला पुलिस व पीएसी
बल के साथ डटे रहे। इस दौरान पुलिस ने तीन ट्रैक्टर और दो बोलेरो को चुनाव
आचार संहिता का उल्लंघन का दोषी पाते हुए उन्हें सीज कर दिया।
प्रत्याशियों
की भीड़ के कारण निर्धारित समय के बाद भी नामांकन के लिए खिड़कियों पर
लंबी लाइनें लगी थी। अधिकारियों ने नामांकन का अंतिम समय चार बजते ही ब्लाक
मुख्यालय का मुख्य गेट पूरी तरह बंद करवा दिया। इसके बाद जो भी पहले से ही
अंदर था उनके ही नामांकन स्वीकार किए गए। नामांकन की यह प्रक्रिया देर रात
तक बदस्तूर चलती रही।
वैसे तो ब्लाक मुख्यालय का मुख्य गेट काफी बड़ा
है, पर नामांकन के दौरान भीड़ को अंदर न जाने देने और व्यवस्था बनाए रखने
को प्रशासन ने बड़े गेट को बंद करवा दिया था। नामांकन को अंदर जाने को
सिर्फ छोटा गेट खोला गया था। लोहे का यह गेट इतना छोटा था कि कई प्रत्याशी
और उनके प्रस्तावक का सर उससे टकरा जाता था।
सबसे ज्यादा हालत खराब उन
महिला प्रत्याशियों की थी जो घूंघट की ओट में नामांकन करने अंदर आ रही थी।
सिर झुकाकर अंदर घुसने में जिसने भी लापरवाही बरती तो समझो उसका सिर
निश्चित तौर पर गेट से टकरा जाता था। उधर, विशुनगढ़ रियासत के राजा रहे
चौधरी सदानंद के पुत्र अवधेश त्रिपाठी की बड़ी पुत्री आराधना ने छोटी संसद
के लिए शुक्रवार को नामांकन दाखिल कर दिया।
वह अपनी जेठानी शीला देवी के
साथ नामांकन करने आई थीं। मजे की बात उनकी जेठानी ने भी उनके साथ अपना
नामांकन पत्र दाखिल किया। आराधना के प्रस्तावक वर्तमान में ग्राम पंचायत की
प्रधान रेखा के चचिया ससुर आशाराम कमल हैं, जबकि उनकी जेठानी शीला देवी के
प्रस्तावक उनके देवर और पूर्व प्रधान सुधीर कुमार द्विवेदी हैं।
उधर, जिला
पंचायत के सदस्य रहे विजय वर्मा ने इस बार ग्राम रामपुर बैजू से प्रधान पद
पर अपने भाई की पत्नी कांती देवी को चुनाव मैदान में उतारा है। उधर,
भाजपा मंडल अध्यक्ष मुनीष मिश्रा की पत्नी विनीता मिश्रा ने ग्राम पंचायत
कसावा से प्रधान पद के लिए नामांकन किया। जिला सहकारी बैंक के डायरेक्टर
पूर्व प्रधान शैलेंद्र सिंह राठौर बबल ने रनवीरपुर से प्रधान पद के लिए
नामांकन किया।