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Kannauj News: कब्रिस्तान की जमीन बताकर रुकवाया निर्माण कार्य

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छिबरामऊ। नगर की अस्पताल रोड से सटी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होने पर दो पक्षों में रविवार को विवाद हो गया। एक पक्ष इसे बैनामे की जमीन बताकर निर्माण करा रहा था। वहीं, दूसरे पक्ष ने इसे पालिका अभिलेखों में दर्ज कब्रिस्तान की जमीन बताकर विरोध शुरू कर दिया। तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस, राजस्व टीम और पालिका टीम ने काम रुकवाकर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
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सिकंदरपुर के एक युवक ने अस्पताल रोड पर एक प्लॉट का बैनामा कराया था, जिसमें नौ फिट का रास्ता दिया गया था। दोपहर में जब वह मजदूरों के साथ जमीन पर साफ-सफाई और निर्माण कार्य कराने पहुंचे तो मोहल्ला सराफान के कुछ लोग वहां आ गए। इन लोगों ने जमीन को कब्रिस्तान का बताते हुए निर्माण का विरोध किया। जमीन को लेकर एक पक्ष का दावा है कि राजस्व अभिलेखों में यह जमीन आबादी के तौर पर दर्ज है और इसकी रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय द्वारा एडीएम को भी भेजी जा चुकी है।
वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि नगर पालिका के कागजातों में यह जमीन कब्रिस्तान के नाम दर्ज है और इसके निर्माण का कोई मानचित्र भी पास नहीं है। जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई। ऐसे में तनाव की सूचना मिलते ही कस्बा इंचार्ज मनुज कुमार चौधरी, लेखपाल प्रशांत त्रिपाठी और नगर पालिका से प्रदीप कश्यप ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया। मोहल्ला सराफान के लोगों ने बताया कि इस जमीन को लेकर न्यायालय में भी मामला लंबित है, जिसमें कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होनी है।
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वर्जन
लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार जमीन पूरी तरह से आबादी की है। चूंकि यह जमीन नगर पालिका की सीमा के अंदर आती है, इसलिए इसका प्रबंधन नगर पालिका के अधीन है। पालिका प्रशासन को इस विवादित जमीन पर पौधरोपण करने या पार्क विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल राजस्व विभाग के अंतिम निर्णय तक किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर पूरी तरह रोक रहेगी।
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-ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी, एसडीएम छिबरामऊ
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