छिबरामऊ(कन्नौज)। बहवलपुर गांव में फैले जानलेवा बुखार का असर देखने के लिए शनिवार को सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने गांव का निरीक्षण किया। जगह-जगह गंदगी देख उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही एमओआईसी डॉ. राहुल मिश्रा को बुखार से मुक्ति न मिलने तक गांव में लगातार शिविर लगाने के निर्देश दिए।
सुबह सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप के पहुंचते ही गांव के लोग एकत्रित हो गए और बुखार की समस्या के बावजूद बरती जा रही लापरवाही की शिकायत की। उन्होंने स्वास्थ्य टीम के साथ पूरे गांव का भ्रमण किया। कीचड़ से बजबजा रही नालियों व गलियों में पसरी गंदगी देख अधिशासी अधिकारी (ईओ) सुरेंद्र केसरवानी से साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने को कहा। साथ ही सीएचसी प्रभारी डॉ. राहुल मिश्रा को घर-घर जांच कराने के साथ ही लक्षणों के अनुसार मरीजों का इलाज शुरू कराने के निर्देश दिए। शनिवार को डॉ. राहुल मिश्रा की देखरेख में डॉ. विवेक पाल, डॉ. अंकित, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक शिवरतन सिंह आदि ने गांव में कैंप कर बुखार पीड़ित मरीजों की स्लाइड तैयार की।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने मृतकों के घर पहुंच बंधाया ढांढस
पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने बहवलपुर गांव पहुंचकर मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि पंद्रह दिन में बुखार से सात लोगों की मौत ने शासन व प्रशासन की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। कोरोना की आड़ में प्रशासन लोगों के शोषण में जुटा हुआ है। सपा नेता के सामने गांव की बेबी, सीता, मंजू, सुनीता, सविता व रामरानी ने नगर पालिका पर गलियों व घरों की बजाय केवल मुख्य मार्गों पर दवा छिड़कने का आरोप लगाया। इस मौके पर सपा नेता योगेंद्र सिंह यादव, पूर्व सभासद बृजेश बाल्मीकि सहित कई सपाई मौजूद रहे।
सभासद भी बुखार की चपेट में
वार्ड 13 बहवलपुर के सभासद जितेंद्र शाक्य भी पिछले छह दिन से बुखार की चपेट में हैं। जांच में उनकी प्लेटलेट्स काफी कम है। निजी चिकित्सक के यहां इलाज चल रहा है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह ने उनके आवास पर पहुंचकर हाल चाल पूछा।