नगर में संचालित 19 प्राइमरी और चार जूनियर स्कूल की मॉनीटरिंग के लिए बीआरसी स्थित कार्यालय में कर्मचारियों की मनमानी से व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। यहां पर न किसी कर्मचारी के आने का समय है और न ही जाने का। लापरवाही के चलते अपनी समस्या लेकर आने वाले टीचरों को भी बैरंग लौटना पड़ता है। वजह प्रधान लिपिक कभी मौके पर नहीं मिलते। दूसरों को सुधारने का जिम्मा उठाने वाले अफसरों की उदासीनता के चलते खुद लापरवाह हो रहे हैं। सोमवार को हमारे संवाददाता ने कार्यालय की व्यवस्थाओं की पड़ताल की।
समय सुबह 11:44 बजे। बेसिक शिक्षा नगर क्षेत्र कार्यालय। वरिष्ठ लिपिक राजेंद्र सिंह कुछ लिखा-पढ़ी करते मिले। वहीं सहायक लेखाकार आमरीन अंसारी भी विभागीय कार्य निपटा रही थीं। कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी पद पर तैनात प्रवेश चंद्र यादव, धमेंद्र सिंह गैरहाजिर मिले। लिपिक ने बताया कि एक कर्मचारी विभागीय कार्य से नगर क्षेत्र के विद्यालय गए हैं। जबकि एक कर्मचारी के बच्चे की तबियत खराब है।
प्रधान लिपिक प्रमोद तिवारी के बारे में पूछे जाने पर पहले तो कर्मचारियों ने टाल-मटोल किया। बाद में दबी जुबान से बताया कि उनकी नियुक्ति नगर क्षेत्र में है, उनकी हाजिरी भी यहीं लगती है। लेकिन उन्होंने खुद को बीएसए कार्यालय से संबद्ध करा रखा है। इस कारण वह कार्यालय नहीं आते हैं। हाजिरी के लिए प्रधान लिपिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से रजिस्टर मंगाकर हफ्ते भर के हस्ताक्षर कर देते हैं।
समय 11:55 बजे। बीएसए कार्यालय। प्रधान लिपिक प्रमोद तिवारी यहां पर भी गैरहाजिर मिले। पूछने पर पता चला कि वह कानपुर से रोज अप-डाउन करते हैं। इस कारण अक्सर लेट आते हैं। निरीक्षण के दौरान दो जगह संबद्धता की बात कहकर वह बच निकलते हैं। इस कारण दूसरे कर्मचारी भी मौज कर रहे हैं। खंड शिक्षाधिकारी प्रवीण दीक्षित से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
बिना पद के बने कार्यालय अधीक्षक
नगर क्षेत्र और बीएसए कार्यालय दोनों जगह नियुक्त लिपिक प्रमोद तिवारी ने बीएसए कार्यालय के बाहर एक कमरे में रुतबा गालिब करने के लिए प्रधान सहायक और कार्यालय अधीक्षक का पदनाम लिखा रहा है। जबकि बेसिक शिक्षा विभाग में इस तरह का कोई पद ही नहीं है।
गैर हाजिर कर्मियों का कटेगा वेतन
मामले में बीएसए राम करन यादव ने कहा कि नगर शिक्षाधिकारी का चार्ज खंड शिक्षाधिकारी प्रवीण दीक्षित के पास है। यदि उन्होंने कुछ बताने से इंकार किया तो उनका बयान गैर जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र की प्रतिदिन चेकिंग कराई जाएगी। गायब कर्मचारियों का एक दिन का वेतन भी काटा जाएगा।
प्रधान लिपिक के हस्ताक्षर के लिए बीएसए कार्यालय में एक रजिस्टर बनेगा। इसमें यदि वह सुबह 10 बजे तक उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। कार्यालय में लिखाया गया उनका पदनाम भी गलत है। इसको हटवा दिया जाएगा। प्रधान लिपिक को बीएसए कार्यालय से संबद्ध करने के सवाल पर कहा कि कर्मचारियों की संख्या की कमी की वजह से उनको यहां लगाया गया है।