अमर उजाला का अभियान आखिरकार रंग लाया और कटरी
क्षेत्र के आधा सैकड़ा से अधिक गांवों के लोगों के इंतजार की घड़ियां अब
खत्म होंगी। सीएम अखिलेश यादव के दखल के बाद इंदुइयागंज पुल के दक्षिणी छोर
पर अधूरे रोड निर्माण के लिए शासन ने वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति मिल
गई है।
जमीन के बदले में किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजा
मिलेगा। इसके अलावा सड़क निर्माण में बाधक बने चार आरसीसी लिंटर युक्त
पक्के मकान पूरी तरह से टूटेंगे, जबकि छह से सात झोपड़ीनुमा कच्चे मकान भी
हटाए जाएंगे। इसके अलावा 22 किसानों की 0.885 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की
जाएगी, तब कहीं जाकर रोड बनकर तैयार हो सकेगी।
प्रशासन भूमि अधिग्रहण करने
से पहले किसानों और ग्रामीणों से सहमति पत्र और मकानों भी तोड़ने से पहले
लिखित सहमति ली जाएगी। सहमति पत्र मिलते ही प्रभावित लोगों को मुआवजा दे
दिया जाएगा और राजस्व विभाग जमीन का अधिग्रहण कराकर लोकनिर्माण के अपने
कब्जे में दे लेगा।
एडीएम संतोष कुमार वैश्य ने कहा कि पुल पर से आवागमन
जल्द शुरू कराने के लिए युद्धस्तर से काम करने के निर्देश एक्सईएन को दिए
गए हैं। जिलाधिकारी खुद इस समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत हैं।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता संजय कुमार श्रीवास्तव ने
बताया कि पहले रोड निर्माण की लागत 92.25 लाख रुपये थी।
बताया कि जमीन
अधिग्रहण की वजह से स्टीमेट संशोधित करना पड़ा। मुआवजे की राशि को जोड़कर
रिवाइज स्टीमेट एक करोड़ 55 लाख 54 हजार रुपये निर्धारित हुआ है। इसे
स्वीकृत कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नई डिजाइन स्वीकृत होने के कारण
पहले की अपेक्षा अब कम मकान तोड़ने की नौबत आएगी।
एक्सईएन का कहना है कि
बजट की कोई कमी नहीं है। फरवरी महीने में ही ये सारी कागजी औपचारिकताएं
पूरी करके सड़क निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन महीने
के अंदर डामरीकृत रोड बनकर तैयार हो जाएगी। इसके बाद लोग आसानी से इसके ऊपर
से फर्राटा स्पीड में आ-जा सकेंगे।