कन्नौज। सरकार की ओर से चाइनीज मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध और सख्ती के बावजूद जिले में चोरी-छिपे बिक्री जारी है। पतंगबाजी के दुकानदारों ने पहले से ही इस खतरनाक मांझे का स्टॉक जमा कर लिया था। पुलिस द्वारा दुकानों की जांच की जा रही है पर चाइनीज मांझे की बरामदगी नहीं हो पा रही है।
चाइनीज मांझे को बेहद खतरनाक माना जाता है क्योंकि इसमें कांच और अन्य रसायनों की मिलावट होती है। यह इंसानों, पशुओं और पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। प्रशासन और पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। छिबरामऊ के मोहल्ला बजरिया में पतंगों और मांझे की कई थोक व फुटकर दुकानें हैं। बसंत पंचमी तक इन दुकानों पर चाइनीज मांझे की बिक्री हुई। मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद दुकानदारों ने भले ही दुकानों से माल हटा लिया हो पर कुछ दुकानदार अभी भी चोरी-छिपे इसे बेच रहे हैं। कोतवाल विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि सभी हलका इंचार्जों को दुकानों की जांच के निर्देश दिए गए हैं और यदि किसी भी दुकान पर प्रतिबंधित मांझा मिलता है तो दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चाइनीज मांझे से जुड़ी गंभीर घटनाएं
जिले में चाइनीज मांझे के कारण कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। 29 जनवरी 2022 को तालग्राम ब्लॉक के ग्राम मदारीपुर निवासी हरिविलास की बाइक से जाते समय मांझे की चपेट में आने से गले की नस कट गई थी। आठ फरवरी 2022 को सदर ब्लॉक के लोहिया पार्क के पास दो राष्ट्रीय पक्षी मोर मांझे में फंसकर मर गए थे। 27 जनवरी 2023 को छिबरामऊ ब्लॉक के ग्राम भैनपुरा निवासी सुमित का गला चाइनीज मांझे से कट गया था। इसी तरह, 10 फरवरी 2024 को ठठिया के खैरनगर निवासी अनूप को साइकिल चलाते समय मांझा लगने से बाएं हाथ में गहरी चोट आई थी।
बसंत पंचमी पर कटी उंगलियां
23 जनवरी को बसंत पंचमी के पर्व पर पतंग उड़ाते समय कई बच्चों और युवाओं की उंगलियां कट गईं थीं। मोहल्ला गनेश चौधरी निवासी दानिश (13) और मानव (14), मोहल्ला बनवारी नगर के नीशू दुबे, मोहल्ला सराफान में विकास मिश्रा (24), मोहल्ला कस्साबान में उवैश (35), पीपल वाली गली में देव (15) और आवास विकास कॉलोनी में राघव (30) समेत कई लोगों को चोटें आईं थीं। इन सभी का निजी नर्सिंग होम में इलाज कराना पड़ा था।