हाड़ कपाऊ सर्दी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। सर्द हवाओं ने लोगों को घरों के अंदर कैद कर रखा है। भीड़-भाड़ वाले बाजारों में चहल-पहल गायब हो गई। लोग सुबह से लेकर शाम तक अलाव अथवा हीटरों से चिपके रहते हैं। वहीं सरकारी कार्यालयों का भी बुरा हाल है। अधिकारी-कर्मचारी किसी तरह ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं।
करीब एक माह से पड़ रही भीषण सर्दी से आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। लोग सर्दी से निजात पाने के लिए सुबह से ही लकड़ी सहित अन्य संसाधनों को जुटाने में लग जाते हैं। दुपहिया वाहनों सवारों की हालत और भी खस्ता है। वह मोटे कपड़ों से मुंह ढककर निकल रहे हैं।
बाजारों में दोपहर बाद कुछ रौनक दिखाई देती है, लेकिन शाम होते ही वह रौनक भी खत्म हो जाती है। रात्रि दस बजे तक खुलने वाली दुकानें अब रात्रि आठ से नौ बजे के बीच बंद होने लगी हैं। हलांकि गर्म कपड़ों की दुकानों पर इस बार दुकानदारों की चांदी है। दिल खोलकर कपड़ों की बिक्री हो रही है।
लोग सर्दी से बचने के लिए दिल खोलकर गर्म कपड़ों पर रुपया खर्च कर रहे हैं। रेलवे स्टेशन सहित कई स्थानों पर शुक्रवार को कुछ समाज सेवियों ने यात्रियों को राहत दिलाने के लिए अलाव जलवाए। ताकि सुबह-शाम यात्रा करने वाले लोगों को राहत प्रदान हो सके। विदित हो कि कोहरे के चलते ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। पुनीत मिश्रा, सुनील मिश्रा, सतेंद्र यादव, अमित मिश्रा, ब्रजेश, अनुज कटियार ने अलाव जलवाए।
अलाव जलवाए जाने की मांग
शहर के मोहल्ला शेखपुरा में अलाव जलवाए जाने की मोहल्ले वासियों ने मांग की है। मोहल्ले के शाहनवाज का कहना है कि कड़ाके की सर्दी से जनजीवन प्रभावित है। गरीब वर्ग के लोगों को सर्दी से बचने के लिए इधर-उधर दुबकना पड़ रहा है। राहगीरों को भी ठिठुरते हुए सफर करना पड़ रहा है।
नगर पालिका प्रशासन द्वारा मोहल्ले में कम से कम एक स्थान पर अलाव की व्यवस्था करनी चाहिए। मोहल्ले के इरशाद पहलवान, तौसीफ वारसी, ताहिर कुरैशी ने अलाव जलवाए जाने की मांग की है।