दिसंबर माह में बाल स्वास्थ्य पोषण माह का शुभारंभ
किया जाएगा। इस मौके पर बच्चों को टीकाकरण समेत उन्हें कुपोषण से मुक्त
करने की मुहिम चलाई जाएगी।
शनिवार को सीएमओ कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग व
बाल विकास की संयुक्त बैठक में सीएमओ डॉ. पीएन वाजपेई ने कहा कि कार्यक्रम
के तहत बच्चों को विटामिन ए की खुराक के अलावा अन्य टीके लगाए जाएंगे।
जिससे बच्चों को रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ाई जाएगी। रतौंधी से बचाव किया
जाएगा। कुपोषण से बचाव एवं उपचार दिया जाएगा।
नियमित टीकाकरण के छूटे हुए
बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। आयोडीनयुक्त नमक की कमी से बच्चों से होने
वाली बीमारियों के बारे में जनता को जागरूक किया जाएगा। पांच वर्ष से कम
आयु के बच्चों में मृत्युदर की कमी लाई जाएगी। एक से पांच साल तक के बच्चों
को विटामिन ए की खुराक दी जाएगी।
कहा कि टीकाकरण के साथ-साथ खसरे के टीके
भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर अस्पतालों
में भर्ती कराया जाएगा। बच्चों को जन्म से छह महीने तक स्तनपान कराने और
इसके बाद पूरक आहार देने संबंधी जानकारियां दी जाएंगी। पांच वर्ष तक के
बच्चों को कीटनाशक दवाइयां भी खिलाई जाएंगी।
डिप्टी सीएमओ डॉ. रमेश चंद्रा व
कृष्णकांत कुशवाहा ने एमओआईसी व बाल विकास की सीडीपीओ को बताया कि बाल
स्वास्थ्य पोषण माह पर प्रत्येक बच्चे का वजन कराया जाएगा। साथ ही पूरक
पोषाहार का वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छिबरामऊ और सौरिख ब्लॉक
क्षेत्रों में बीते कार्यक्रम के दौरान लक्ष्य से कम टीकाकरण किया गया।
इसी
तरह छिबरामऊ व तालग्राम ब्लॉक में आंगनबाड़ी कार्यकत्री व आशा बहुओं की ओर
से बेहतर कार्य नहीं किया गया। इस पर सीडीपीओ को निर्देशित करने के
आदेश दिए गए। इसी तरह तालग्राम व सौरिख में विटामिन ए की खुराक कम बच्चों
को दी गई।